जगन की हत्या का खुला राज – बार बार चोर चोट्टा कहना विष्णु के दिल पर लगी और उसने कर दी हत्या
अजमेर skt. कॉम
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के आरोपी विष्णु सिंह से पुलिस की पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं. सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की गई, जिसमें विष्णु सिंह ने जगन गुर्जर की हत्या करना कबूल कर लिया है. रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. आरोपी को जेल भेजने से पहले पुलिस लाइन में बायोमेट्रिक और फिंगरप्रिंट जांच कराई गई.
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी विष्णु सिंह पूछताछ में बताया कि उसने गमछे से गला घोंट कर जगन गुर्जर की हत्या की थी. शनिवार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया. पुलिस के हथियार बंद कमांडो आरोपी विष्णु सिंह को बख्तरबंद वाहन में लेकर कोर्ट पहुंची, जहां विष्णु सिंह के चेहरे पर जगन सिंह की हत्या को लेकर कोई मलाल या शिकन नहीं देखी गई.24 जून से था बैरिक का कैमरा खराब: थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत ने बताया कि 29 जून को हाई सिक्योरिटी जेल के बैरिक नंबर 5 में कैद जगन गुर्जर की हत्या उसके साथी कैदी विष्णु सिंह ने कर दी थी. प्रारंभिक जांच में ही आरोपी ने हत्या करने की बात कबूल ली थी. मौके पर क्राइम सीन बनाकर जांच की गई. बैरिक में बने टॉयलेट की दीवार पर चढ़कर विष्णु सिंह ने CCTV कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगाया था.

पुलिस जांच में पता चला कि 24 जून से ही बैरिक का CCTV कैमरा खराब भी था. जेल में करीब 320 कैमरे लगे हैं, जिनकी हर फुटेज की निगरानी करना मुश्किल है. आरोपी को यह पता नहीं था कि कैमरा पहले से ही खराब चल रहा था.
चोर-चोट्टा कहकर करता था अपमान:पूछताछ में विष्णु सिंह ने बताया कि जगन गुर्जर उसे बार-बार चोर और चोट्टा कहकर अपमानित किया करता था. विष्णु सिंह के ज्यादातर मामले चोरी के हैं. जगन गुर्जर जेल में मुखिया माना जाता था और अन्य कैदियों के सामने भी विष्णु सिंह को अपमानित कर चुका था. जगन गुर्जर के आने के बाद विष्णु सिंह की जेल में बन रही पैठ प्रभावित होने लगी थी. डकैत जगन के रौब के आगे विष्णु बेबस था. लगातार अपमान रंजिश में बदल गया. मर्डर केस में तीन साल से जेल में बंद विष्णु सिंह ने बदला लेने की योजना बनाई.
ढाई मिनट में जगन गुर्जर की हत्या:थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या की योजना पहले से ही बना ली थी. विष्णु सिंह नहीं जानता था कि सीसीटीवी कैमरा खराब है. उसके बाद बैरिक में जगन गुर्जर और विष्णु सिंह ने साथ में लूडो गेम खेला. विष्णु सिंह ने मन में जगन गुर्जर को ठिकाने लगाने के बारे चल रहे मनसूबों का जरा भी अंदेशा नहीं होने दिया. वह रोज की तरह सामान्य ही अपने को दिखाता रहा. लूडो गेम के बीच विष्णु सिंह दवा लेने के बहाने उठा और गमछा निकालकर जगन सिंह के गले में कस दिया.
पहले गमछे से गलां घोटा फिर गला दबाकर: पूछताछ में आरोपी विष्णु सिंह ने बताया कि उसने अपने दोनों घुटने जगन गुर्जर के पीठ पर लगा दिए. उसने करीब ढाई मिनट तक गमछे से जगन का गला घोंटे रखा. जगन गुर्जर की सांस थमने के बाद जब गमछे की पकड़ ढीली की, तो उसे अंदेशा था कि जगन गुर्जर जिंदा हो सकता है, इसलिए उसने अपने हाथों से जगन गुर्जर का गला दबाया. हत्या की वारदात करने के बाद विष्णु सिंह ने जगन गुर्जर को फंदे पर लटकाने की योजना बनाई थी. उसने बेड शीट और गमछे को जोड़कर पंखे पर बांध दिया. विष्णु सिंह अपनी योजना को अंजाम दे पाता, उससे पहले मौके पर राउंड करते हुए जेल प्रहरी पहुंच गए और उन्होंने जगन गुर्जर को बैरिक में मृत पड़ा देख लिया.
अन्य कैदियों से भी होगी पूछताछ:थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी विष्णु सिंह के सीधे हाथ में गोली लगी हुई है. उसका इलाज काफी लंबे समय से चल रहा है. उन्होंने बताया कि अनुसंधान के लिए विष्णु सिंह को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर हाई सिक्योरिटी जेल से गिरफ्तार किया जा सकता है, फिलहाल जेल में अन्य कैदियों से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र भी लगाया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी तक के अनुसंधान में हत्या की वजह केवल जगन गुर्जर का चोर और चोट्टा कहकर विष्णु सिंह को अपमानित करना ही सामने आया है.
उन्होंने बताया कि विष्णु सिंह से अंडर गारमेंट्स धुलवाना या उसका शारीरिक शोषण करने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि अनुसंधान में सामने आया कि विष्णु सिंह तुनक मिजाजी है. बात-बात पर उसे गुस्सा आता जाता है. जगन गुर्जर की हत्या में अन्य तीसरे व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं है और ना ही अनुसंधान में अभी तक जगन गुर्जर को कोई नींद की गोली देने की बात सामने आई है.
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