बड़ा सवाल -नए प्रभारी के साथ क्या नया प्रदेश अध्यक्ष के साथ चुनावों में जाएगी भाजपा !
हलद्वानी एसकेटी.कॉम
यह तो तय है कि भाजपा उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव नए प्रदेश प्रभारी के नेतृत्व में लड़ेगी। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि नितिन नबीन की भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय महामंत्री पद से दुष्यंत गौतम का पत्त्ता कट गया है। । अब राज्य के लिए जल्द नए प्रभारी की घोषणा होने की उम्मीद है। दुष्यंत गौतम का नाम कथित तौर पर अंकिता भंडारी प्रकरण में आया था। इसके बाद से दुष्यंत गौतम से पार्टी ने कार्यक्रमों में आमंत्रित नही किया। उनका नाम आने से पार्टी लगातार असहज चल रही थी। गौतम के अलावा नरेश बंसल को भी नई टीम में जगह नहीं दी गई है।
ऐसे में पहले से ही माना जा रहा था कि पार्टी की नई टीम से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। अब गौतम के बाहर होते ही पार्टी को राज्य में नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त करने का मौका मिल गया है।
ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर के वीडियो में आया था दुष्यंत गौतम का नाम
विदित है कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े कथित ऑडियो में अंकिता प्रकरण में गौतम का नाम जोड़ा गया था जिससे राज्य की राजनीति में उबाल आ गया था। इस वजह से भाजपा को बैकफुट पर आना पड़ा था। उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को ही प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में अब राज्य में भी नए प्रदेश प्रभारी की तैनाती होगी। उन्होंने इसे सामान्य बदलाव बताया हालांकि उन्हें यह भी नहीं मालूम होगा कि पार्टी उनके नाम से भी असहज चल रही है ।उनके कई बयान ऐसे थे जो पार्टी के अध्यक्ष की मर्यादा के बिल्कुल अनुकूल नहीं थे सूत्रों की माने तो नए प्रभारी की घोषणा के तुरंत के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की भी घोषणा हो सकती है ।इसके लिए पार्टी की ओर से कई नाम पर कवायद चल रही है कुमाऊं से सीएम के रूप में ठाकुर चेहरा होने की वजह से भाजपा आला कमान गढ़वाल से किसी ब्राह्मण नेता को मुखिया के चेहरे के तौर पर पेश कर सकता है ताकि एंटीइंकबंसी का असर भी कम रहेगा
पूर्व सीएम का नाम नए चल रहा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर महिला का भी है नाम
सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा रितु भूषण खंडूरी का भी नाम लिया जा रहा है रितु खंडूरी के पास संवैधानिक पद है लेकिन भाजपा महिलाओं को अपनी पार्टी की ओर आकर्षित करने के लिए आचार संहिता से कुछ समय पहले उन्हें इस पद पर बिता सकती है चुनाव नजदीक आने के बाद अब सिर्फ वर्षा कालीन सत्र बचा है उसके बाद विधानसभा का नया सत्र चुनाव के बाद ही होगा तो ऐसे में उन पर भी दाव लगाने का विचार हो रहा है
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें



भाजपा पार्षद ने लगाया उपेक्षा का आरोप पार्टी से दिया इस्तीफा
सीएम खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना में चयन के लिए पसीना बहा रहे हैं युवा