UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, RBI-सरकार को नोटिस

दो हज़ार से अधिक के UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। UPI पेमेंट 0.4 प्रतिशत MDR लगाने को लेकर चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई को नोटिस जारी किया है। इन सभी को चार हफ्तों में जवाब दाखिल करने को भी कहा गया है। हालांकि कोर्ट ने सोमवार यानी 28 सितंबर को इस चार्ज पर रोक लगाने से मना कर दिया है।
UPI चार्ज के रोक पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
दरअसल 2 हज़ार से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने की अधिसूचना जारी हुई थी। जिसके बाद 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इसको चुनौती दी गई थी। अंजन दत्ता नाम के याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें उन्होंने इसे समानता और व्यापार के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। इसी को लेकर आज सुप्री कोर्ट में सुनवाई हुई।
यूपीआई चार्ज की व्यवस्था को बिना उचित चर्चा के लाई गई
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस यूपीआई चार्ज की व्यवस्था को बिना उचित चर्चा के लाया जा रहा है। लाने के दौरान किसी भी जरूरी कानूनी प्रक्रिया को फॉलो नहीं किया गया। इस चार्ज का असर छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। साथ ही इस शुल्क से बचने के लिए यूपीआई छोड़कर दोबारा नकदी की मांग शुरू हो सकती है।
क्या बोले याचिकाकर्ता के वकील?
इसी सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि UPI से काले धन के लेन-देन में कमी आई है। इसी पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल वेंकटरमन ने कहा कि अभी इसका लागू होना बाकी है। 15 अक्टूबर पहला पड़ाव है। गेटवे का इस्तेमाल करने वाले 96 फीसदी लोगों को छूट मिली है।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने क्या कहा?
इसके बाद जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि “इस तरह की वसूली करने का एग्ज़ीक्यूटिव दायरा क्या है? अगर यह फीस होती तो हम समझ सकते थे. यह फीस नहीं है, तो फिर इसका स्वरूप क्या है?”
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