6 साल की मासूम से 70 साल के बुजुर्ग ने किया दुष्कर्म, आंगनवाड़ी से लौट रही बच्ची को दिया था टॉफी का लालच
छतरपुर के खजुराहो में आंगनवाड़ी से लौट रही छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में 70 वर्षीय व्यक्ति गिरफ्तार हुआ। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि आंगनवाड़ी से घर लौट रही बच्ची को 70 वर्षीय व्यक्ति ने टॉफी का लालच देकर अपने पास बुलाया और उसके साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
मध्य प्रदेश छतरपुर जिले के खजुराहो थाना क्षेत्र से छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि आंगनवाड़ी से घर लौट रही बच्ची को 70 वर्षीय व्यक्ति ने टॉफी का लालच देकर अपने पास बुलाया और उसके साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
24 सितंबर को हुई घटना
पुलिस के अनुसार घटना 24 सितंबर की बताई जा रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्ची आंगनवाड़ी से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपी ने उसे टॉफी देने के बहाने अपने पास बुलाया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी बच्ची को अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घर पहुंचने के बाद बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग तुरंत पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
एसपी रजत सकलेचा के मुताबिक शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी हरि रैकवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बच्ची का कराया गया मेडिकल परीक्षण
मामले की जांच के तहत पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी कराया है। इसके साथ ही पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पीड़िता और उसके परिवार की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया है। पॉक्सो कानून के तहत नाबालिग पीड़ितों की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत से जुड़े अन्य तथ्यों को रिकॉर्ड में शामिल करेगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा है और लोगों ने बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
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