GEN Z वोटर्स को साधने में जुटे सियासी दल, युवा वोट पाने के लिए BJP और कांग्रेस ने तैयार की रणनीति

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2027 चुनाव से पहले GEN Z ने जिस तरह से अपनी ताकत का ऐसहास सत्ता पर काबिज सरकार को कराया है उससे इस वर्ग को लुभाने की सियासी दलों में होड़ मच चुकी है। आगामी चुनाव में GEN Z को साधने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। 

GEN Z वोटर्स को साधने में जुटे सियासी दल

दरअसल GEN Z को अपनी विचारधारा से जोड़ने के लिए बीजेपी-कांग्रेस ने अपने सहयोगी और फ्रंटल संगठनों को भी आगे कर दिया है। बीजेपी और संघ से जुड़े भाजयुमो, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद या कांग्रेस के फ्रंटल संगठन यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई सभी सितंबर में अपने तय कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं।

दोनों पार्टियों ने तैयार की रणनीति

उत्तराखंड के GEN Z का मन जीतने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के युवा नेताओं पर भी अब बड़ी जिम्मेदारी है। बीजेपी की बात करें तो बीजेपी का युवा मोर्चा युवाओं को जोड़ने के लिए विधानसभावार युवा संवाद कार्यक्रम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक 50 फिसदी विधानसभा सत्र क्षेत्रों में संवाद हो चुके हैं। अब सीमांत क्षेत्रों पर फोकस करते हुए सीमांत युवा संवाद यात्रा सितंबर से शुरू होगी। वहीं यूथ कांग्रेस हर विधानसभा क्षेत्र में पैदल मार्च निकालेगा और युवाओं से संवाद करेगा ।

20-23 प्रतिशत है GEN Z वोटर्स की संख्या

बता दें कि उत्तराखंड में GEN Z वोटर्स की संख्या तकरीबन 20-23 प्रतिशत है, जो सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका अदा करता है। अब 2027 विधानसभा चुनाव में GEN Z वोट किस तरफ जाता है ये फिलहाल कह पाना मुश्किल है।

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