Kal Ka Mausam : अगले 24 घंटे में भारी बारिश का पूर्वानुमान, 21 राज्यों में गिरेगा तापमान; आंधी-ओले-वज्रपात से सावधान

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कल का मौसम : मौसम विभाग ने देश के अधिकांश राज्यों में बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां होने का पूर्वानुमान जताया है। खासकर, उत्तर भारत में मॉनसूनी बारिश से पहले बादलों के बरसने के संकेत मिल रहे हैं। अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के कुछ भागों पर आंधी के साथ हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो सकता है। हालांकि, अधिकांश भागों पर गर्मी का प्रभाव दिखेगा। पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों पर अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है। उधर, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ जिलों में मौसम खराब रह सकता है। स्काईमेट के हवाले से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय के ज्यादातर भागों पर तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। वहीं, दक्षिण भारत में मॉनसूनी बारिश से गर्मी और लू पर ब्रेक लग गया है।

हिमाचल-उत्तराखंड का मौसम

मौसम विभाग ने बताया कि पहाड़ों पर मॉनसून जून के आखिरी सप्ताह तक एंट्री ले सकता है। हालांकि, उससे पहले अगले दो-तीन दिन तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों उत्तरकाशी, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम बारिश से मौसम बदला रहेगा। हालांकि, मैदानी भागों पर मौसम शुष्क और गर्म रह सकता है, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी या बारिश भी होती रहेगी। उधर, हिमाचल प्रदेश में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसके प्रभाव से चंबा, शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मैदानी भागों के लिए कोई अलर्ट नहीं है। कमोबेश मौसम के यही हाल जम्मू-कश्मीर के घाटी और पहाड़ी हिस्सों पर बने रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में मॉनसूनी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के एक्टिव होने से गर्मी और लू से काफी राहत है। जून के शुरुआती दिनों से मॉनसून का असर दिखाई दे रहा है, जिससे केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप के तटीय भागों पर तेज तूफानी हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। मॉनसूनी बारिश से तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जा रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत है। हालांकि, ऊपरी भागों पर उमस महसूस की जा रही है। आईएमडी ने पश्चिमी घाट और महाराष्ट्र एवं गुजरात के हिस्सों पर भी बारिश की संभावना व्यक्त की है।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश

मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर में मानसून एक्टिव होने वाला है। अगले तीन या चार दिनों के अंदर मानसून की मुंबई के ऊपर दस्तक हो जाएगी, जिससे उप हिमालय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला तेज होगा। खासकर, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, असम, सिक्किम, नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में तेज हवाओं और वर्षा का ग्राफ बढ़ेगा। ये बारिश अगले कुछ दिन तक जारी रहने का अनुमान है।

मुंबई का मौसम कैसा है

मुंबई के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश से मौसम बदला हुआ है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली। आईएमडी ने कहा है कि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोंकण पहुंच गया था, लेकिन प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण यह आगे नहीं बढ़ रही थी। IMD ने अगले कुछ घंटे के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों पर बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

बंगाल में बारिश का अलर्ट

कोलकाता में रविवार को हुई भारी बारिश से उमस भरे मौसम से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। स्थानीय मौसम कार्यालय के मुताबिक, मानसून आगे बढ़ चुका है। समुद्र से भारी मात्रा में नमी का आना भी उत्तर और दक्षिण बंगाल दोनों क्षेत्रों में बारिश लाने वाली प्रणालियों को मजबूत कर रहा है। हालांकि, मानसून के आगमन के बावजूद शनिवार को दक्षिण बंगाल के कई हिस्से अपेक्षाकृत शुष्क रहे थे, लेकिन रविवार को वर्षा गतिविधियों में तेजी आई।

मौसम विभाग ने पूर्व बर्धमान, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। उत्तर बंगाल में स्थिति अधिक गंभीर रहने की संभावना है, जहां मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ’रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार जिलों के लिए ’ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां भारी बारिश होने का अनुमान है।

तमिलनाडु का मौसम

तमिलनाडु के छह जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर केरल के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में वर्षा गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगले कुछ घंटे में तिरुनेलवेली जिले के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ नीलगिरि, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी और कन्याकुमारी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। सोमवार के लिए भी पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कोयंबटूर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों, नीलगिरि, डिंडीगुल, थेनी, मदुरै और शिवगंगा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।