भाभी से इश्क लड़ा रहा था जेठ, छोटे भाई ने रंगे हाथों पकड़ा तो दोनों ने कर दिया कांड; 40 ट्रॉली मिट्टी में दफन किए राज, ऐसे खुल गई पोल!

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पुलिस के पास हत्या की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी इसलिए राजमिस्त्री की हत्या की सुईं परिचितों पर ही अटकी थी. जब जांच और पूछताछ का दायरा बढ़ा तो पति के बड़े भाई और पत्नी के बीच अवैध संबंधों का खुलासा हुआ जिसके पूरी साजिश सामने आ गई.

भाभी से इश्क लड़ा रहा था जेठ, छोटे भाई ने रंगे हाथों पकड़ा तो दोनों ने कर दिया कांड; 40 ट्रॉली मिट्टी में दफन किए राज, ऐसे खुल गई पोल!
भाभी से इश्क लड़ा रहा था जेठ, छोटे भाई ने रंगे हाथों पकड़ा तो दोनों ने कर दिया कांड; 40 ट्रॉली मिट्टी में दफन किए राज, ऐसे खुल गई पोल!

कर्नाटक के तुमकुरु जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक खौफनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां संपत्ति के विवाद और अवैध संबंधों के शक में एक कलयुगी बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शातिर भाई ने मकान के निर्माण के लिए मंगाई गई करीब 45 लोड मिट्टी के नीचे भाई के शव को पांच फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया. यह राज 2 महीने तक अंधेरे में छिपा रहा, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और डीएनए जांच ने इस राज से पर्दा उठा दिया. तुमकुरु की अदालत ने अब इस रूह कंपा देने वाले मर्डर केस में आरोपी बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.

एक अफवाह से खुलने लगीं परतें

इस सनसनीखेज कहानी की शुरुआत तुमकुरु के सिरा तालुक के पास कमलानायकनहल्ली तांडा बस्ती से हुई. शुरुआत में पुलिस के पास कोई हत्या का केस नहीं था, न ही कोई लाश थी. बस गांव में यह सुगबुगाहट थी कि 40 साल का राजमिस्त्री रविचंद्रनाइका पिछले 2 महीने से गायब है. परिवार वाले अलग-अलग बहाने बना रहे थे कि वह काम के सिलसिले में बाहर गया है. लेकिन शक तब गहराया जब उनके दिवंगत पिता की प्रॉपर्टी के बंटवारे के लिए रविचंद्रनाइका के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ी और वह कहीं नहीं मिला. पुलिस ने जब अपने स्तर पर छानबीन शुरू की और एक कांस्टेबल को गांव भेजा, तो पता चला कि रविचंद्रनाइका की हत्या की जा चुकी है.

पत्नी पर अवैध संबंधों का था शक

पुलिस की शुरुआती जांच में एक बहुत बड़ा ब्रेकथ्रू तब मिला जब यह बात सामने आई कि मृतक रविचंद्रनाइका की पत्नी सविताबाई (33) के अवैध संबंध उसके बड़े भाई राजा नाइक (47) के साथ चल रहे थे. रविचंद्रनाइका को इस नाजायज रिश्ते की भनक लग चुकी थी. 2 अप्रैल 2022 की रात जब रविचंद्रनाइका शराब के नशे में घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी से इसी बात पर कड़ा विरोध जताया. देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों भाइयों और पत्नी के बीच हाथापाई होने लगी. राजा नाइक ने रविचंद्रनाइका पर हमला कर दिया, जिससे वह नीचे गिर गया. इसके बाद बेरहम पत्नी ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए और बड़े भाई राजा नाइक ने उसकी छाती पर पैर रखकर क्रूरता से उसकी जान ले ली.

45 लोड मिट्टी के नीचे छिपाई लाश

हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने लाश को ठिकाने लगाने का खतरनाक प्लान बनाया. उस रात घर में मौजूद बच्चों को उन्होंने बाहर भेज दिया और सड़क किनारे सुला दिया ताकि किसी को कानों-कान खबर न हो. अगली सुबह 3 अप्रैल को दोनों ने मिलकर शव को घर से करीब 500 मीटर दूर राजा नाइक के अंडर-कंस्ट्रक्शन मकान के पास पहुंचाया. वहां निर्माण कार्य के लिए पहले ही पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था और मिट्टी मंगाई गई थी. शातिर राजा नाइक ने मजदूरों से कहकर उस गड्ढे में 40 से 45 लोड मिट्टी डलवा दी, जिससे भाई की लाश हमेशा के लिए मलबे और मिट्टी के नीचे दब गई.

JCB से खोदकर निकाले सबूत 

पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी पत्नी ने मर्डर का पूरा राज उगल दिया. इसके बाद पुलिस ने तहसीलदार की अनुमति लेकर 3 जून 2022 को मौके पर जेसीबी मशीन बुलवाई. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खुदाई का काम शुरू हुआ. लगभग 40 से 45 लोड मिट्टी हटाने के बाद आखिरकार वह डरावनी जगह और कंकालनुमा मानव अवशेष बाहर आ गए. मौके पर डॉक्टर को बुलाकर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के साथ पंचनामा किया गया. आरोपी राजा नाइक का आपराधिक इतिहास भी रहा था, क्योंकि साल 2019 में अपनी पत्नी की मौत के मामले में भी वह गिरफ्तार हुआ था, हालांकि सबूतों के अभाव में बरी हो गया था.

डीएनए रिपोर्ट और मासूम बच्चों की गवाही बना सबसे बड़ा सबूत

लाश की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था. ऐसे में पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब की मदद ली. रविचंद्रनाइका के बेटे का ब्लड सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट कराया गया, जो बरामद अवशेषों से पूरी तरह मैच हो गया. इसके अलावा, घर में मौजूद मासूम बच्चों ने मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज कराए कि उन्होंने रात में अपने पिता को झगड़ते और चाचा राजा नाइक को घर आते देखा था, जिसके बाद उनके पिता कभी वापस नहीं लौटे.

अदालत ने किया मृतक राजमिस्त्री के साथ न्याय

पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक सबूतों, डीएनए रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चश्मदीद बच्चों के बयानों समेत तमाम दस्तावेज अदालत में पेश किए. पुख्ता सबूतों के आधार पर तुमकुरु की अदालत ने आरोपी बड़े भाई राजा नाइक को अपने ही छोटे भाई की निर्मम हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी.

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