पीपलकोटी टनल का निरीक्षण को जा रहे सांसद के वाहन पर गिरा बोल्डर

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चमोली skt. com

पहाड़ों में जनजीवन बरसात के समय काफी दुश्वार हो जाता है ऐसे मौसम में कहीं पर भी कोई हादसा हो सकता है लेकिन सांसद अनिल बलूनी ने अपने जीवन की परवाह न करते हुए पीपल कोठी परियोजना के घायलों तथा स्थल निरीक्षण करने के लिए पहुंच रहे थे उनके वहां पर बड़ा बॉर्डर गिर गया लेकिन गाली मत रही कि उसमें कोई जनहानि नहीं हुई संसद बलूनी सुनील सभी लोग सुरक्षित हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पीपलकोटी टनल हादसे का जायजा लेने जा रहे गढ़वाल (पौड़ी) सांसद अनिल बलूनी शुक्रवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक दरके मलबे और एक भारी-भरकम बोल्डर सीधे उनकी कार पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस हादसे में सांसद अनिल बलूनी और गाड़ी में सवार अन्य सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


पीपलकोटी टनल हादसे की ओर जा रहे थे सांसद
जानकारी के अनुसार, सांसद बलूनी पीपलकोटी में हुए दर्दनाक टनल हादसे का धरातलीय निरीक्षण करने और पीड़ितों का हाल जानने जा रहे थे।

इसी दौरान तोताघाटी के निकट अचानक पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर उनकी कार पर आ गिरा। बोल्डर के कार पर गिरने से वाहन को नुकसान पहुंचा, लेकिन गनीमत रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।


चमोली पीपलकोटी टनल हादसे में जा चुकी 7 जानें
बता दें कि 13 अगस्त की शाम को चमोली जिले के पीपलकोटी के मायापुर में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में धंसाव की वजह से मलबा और पानी भर गया था।

जिसकी वजह से कई मजूदर फंस गए थे। रेस्क्यू टीमों ने जिनमें से 12 घायलों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। हादसे में अभी तक 7 लोगों की मौत की हो गई, जबकि, बाकी 3 लोगों की तलाश में रेस्क्यू टीमों की ओर से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड में येलो अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग ने चमोली समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और गर्जन के साथ बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से लैंडस्लाइड, बोल्डर गिरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की चेतावनी दी गई है।

इससे पहले तमाक नाले पर बना बेली ब्रिज पानी के तेज उफान में बह गया था, जिससे सीमांत क्षेत्र के 15-16 गांवों का संपर्क कट गया है। इस दौरान बीआरओ का एक वाहन और चालक भी लापता हो गए, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

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