Iran से भारत आ रहा तेल से भरा जहाज चीन की तरफ क्यों मुड़ा!, सरकार ने दिया जवाब

दरअसल ईरान से भारत आ रहा तेल से भरा जहाज चीन की तरफ मुड़ने की खबर फैल रही है। जिसके बाद सभी के मन में सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? अब इसी को लेकर भारत सरकार ने शनिवार, चार अप्रैल को जवाब दिया है। इन रिपोर्ट्स को सरकार ने झूठा बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि ईरानी कच्चे तेल से भरा टैंकर बीच रास्ते में ही भारत ने आकर चीन की ओर जा रहा है।
इसमें इसकी वजह पेमेंट से जुड़ी दिक्कत बताया जा रहा था। हालांकि अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने ये साफ किया कि कच्चे तेल के आयात को लेकर भारत को पेमेंट संबंधी कोई परेशानी नहीं आई है। भारत 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। कंपनियों अलग-अलग जगहों से तेल खरीद सकती है।
ईरान से भारत आ रहा तेल से भरा जहाज चीन की तरफ क्यों मुड़ा!
मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम और नेचुरल गैस ने अपने बयान में कहा इन रिपोर्ट्स में तेल व्यापार कैसे काम करता है इस बात को नजरअंदाज किया गया है। मंत्रालय ने कहा, “बिल ऑफ लैंडिंग में अक्सर शिप से सामान उतारने के लिए संभावित पोर्ट के नाम लिखे होते हैं. समुद्र में चल रहे कार्गो शिप बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए ऑपरेशनल फ्रीडम के आधार पर अपना गंतव्य बदल सकते हैं।”
सरकार ने रिपोर्ट्स को बताया झूठा
आगे बयान में कहा गया, “मिडिल ईस्ट सप्लाई की समस्याओं के वावजूद भारत ने ईरान सहित अपनी कच्चे तेल की जरूरत को पूरा कर लिया है. कई रिपोर्ट्स में पेमेंट संबंधी समस्याओं का जिक्र किया जा रहा है वो झूठ है. आने वाले महिनों के लिए भारत की कच्चे तेल की जरूरत पूरी तरह से सुरक्षित है।”
सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों पर कहा, “सी बर्ड नाम का एलपीजी जहाज करीब 44 हजार मीट्रिक टन ईरानी गैस लेकर 2 अप्रैल को मंगलुरु पोर्ट पर पहुंच चुका है और फिलहाल अनलोडिंग जारी है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें



नारायण मनराल के आगे नही चली विरोधियों की निर्विरोध बने पनियाली के उप प्रधान
खनन एवं वन विभाग की जुगलबंदी से अस्तित्व में आएगा संजीवनी वन