पिता नहीं दिला पाए 40 हजार का iPhone, तो 11वीं की छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम।
जालौन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 11वीं की छात्रा ने सिर्फ इसलिए अपनी जान दे दी क्योंकि उसे आईफोन (iPhone) नहीं मिला। पिता की माली हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि वह बेटी की 40 हजार की जिद पूरी कर सकें, लेकिन बेटी इस कदर जिद पर अड़ी थी कि उसने मौत को गले लगा लिया।
मौत से पहले दिया था आखिरी अल्टीमेटम
जालौन के डकोर थाना क्षेत्र के कुशमिलिया गांव में रहने वाली 18 साल की माया राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। माया पिछले कुछ दिनों से अपने पिता तुलसीराम से नया आईफोन दिलाने की जिद कर रही थी। दरअसल, उसका पुराना फोन टूट गया था और वह लगातार पिता पर दबाव बना रही थी। माया ने अपने पिता से आखिरी बार कहा था कि अगर दो दिन के भीतर उसे आईफोन नहीं मिला, तो वह कुछ ऐसा कर लेगी कि सब देखते रह जाएंगे। पिता को अंदाजा भी नहीं था कि उनकी लाड़ली इस तरह का आत्मघाती कदम उठा लेगी।
गरीबी और आईफोन की जिद के बीच उलझी जिंदगी
मृतका के पिता तुलसीराम राजपूत ने बताया कि उनके पास खुद की खेती नहीं है और वह दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं। घर का गुजारा चलाने के लिए वह ऑटो भी चलाते हैं। तुलसीराम के मुताबिक, माया कहती थी कि “पापा आपने भाई और बड़ी बहन को तो मोबाइल दिला दिया, अब मुझे भी चाहिए।” माया की मांग 40 हजार रुपये के आईफोन की थी, जिसे पूरा करने के लिए पिता ने थोड़ा समय मांगा था। उन्होंने माया को समझाया था कि 15 दिन बाद जब मटर की फसल बिक जाएगी, तब वह उसे पुराना आईफोन दिला देंगे, लेकिन माया इस बात पर राजी नहीं हुई।
घर में अकेली थी छात्रा, चूहा मार दवा खाकर दी जान
घटना वाले दिन शनिवार को पिता तुलसीराम अपना ऑटो चलाने चले गए थे और मां बबली खेत पर मटर तोड़ने गई थीं। माया घर पर बिल्कुल अकेली थी। इसी दौरान उसने चूहा मार जहर खा लिया। जब माया का छोटा भाई मानवेंद्र घर पहुँचा, तो माया की हालत बिगड़ चुकी थी। उसने खुद भाई को बताया कि उसने जहर खा लिया है। आनन-फानन में परिजन उसे उरई मेडिकल कॉलेज ले गए, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान माया ने दम तोड़ दिया।
परिवार में पसरा मातम, पुलिस ने शुरू की जांच
माया दो बहनों में छोटी थी, बड़ी बहन संतोषी की शादी चार साल पहले हो चुकी है। घर की सबसे लाड़ली बेटी की इस तरह मौत से मां बबली और भाई मानवेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता सदमे में हैं कि काश उन्होंने अपनी बेटी की बात को गंभीरता से लिया होता। फिलहाल, मेडिकल चौकी प्रभारी मोहित राणा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की आगे की जांच जालौन पुलिस द्वारा की जाएगी।
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