Rahul ने PM Modi को ये क्या बोल दिया…कांग्रेस की हाई लेवल बैठक में फूटा गुस्सा, बोले- ‘मोदी ने तो…’
देश की राजधानी दिल्ली में इस समय भयंकर तपती गर्मी पड़ रही है, लेकिन इसी बीच अचानक यहाँ का राजनीतिक तापमान भी अपने चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार की सुबह दिल्ली के इंदिरा भवन में अचानक पत्रकारों और कैमरामैनों का एक बहुत बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। मौका था कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा बुलाई गई एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक का।
इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य नीट (NEET) परीक्षा विवाद, सीबीएसई (CBSE), कमरतोड़ महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार को चौतरफा घेरने की एक अचूक रणनीति तैयार करना था। बैठक की गंभीरता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसमें देश भर से कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष विशेष रूप से शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन इस पूरी चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बेहद तीखे और बेबाक बयान ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर ली हैं।
राहुल गांधी ने इस्तेमाल किया एकदम देसी मुहावरा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में शुरू हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आर्थिक व प्रशासनिक नीतियों पर जमकर प्रहार किया। अंदरूनी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में देश के युवाओं, छात्रों और किसानों की बदहाली का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया।
उन्होंने कहा कि नौकरियों के अभाव में आज देश का युवा दर-दर भटकने को मजबूर है, सालों की कड़ी मेहनत के बाद छात्र पेपर लीक का दंश झेल रहे हैं और गलत आर्थिक नीतियों के कारण आम जनता पूरी तरह महंगाई के बोझ तले दब चुकी है। इसी दौरान देश के नागरिकों की इसी बदहाली और बेबसी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के मुंह से अचानक एक देसी मुहावरा निकला कि ‘मोदी ने मरवा दिया’। आम बोलचाल की भाषा में इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी के गलत फैसले या भरोसे के कारण जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद बैठक में सन्नाटा पसर गया और अब इस पर सियासी बहस छिड़ गई है।
विपक्षी एकजुटता और टीएमसी के उलटफेर पर भी हुई बड़ी चर्चा
यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बहुत बड़ा उलटफेर और घमासान देखने को मिल रहा है। हाल ही में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ हुई सिलसिलेवार मुलाकातों ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को एक नई और मजबूत धार दी है।
इस बैठक में मौजूद तमाम कांग्रेसी नेताओं में जोश भरते हुए राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि पूरे देश में कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी राजनीतिक ताकत है जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएसएस (RSS) की विचारधारा के खिलाफ सामने से डटकर मुकाबला कर सकती है। उन्होंने मंच से सभी नेताओं को सख्त नसीहत दी कि वे अपने आपसी मतभेदों को पूरी तरह भुलाकर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करें और जनता के बीच अपनी पैठ को और ज्यादा बढ़ाएं।
अब सीधे जनता की अदालत में जाएगी कांग्रेस
इस लंबी और मैराथन बैठक के खत्म होने के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और पार्टी के आगामी एक्शन प्लान का आधिकारिक एलान कर दिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि मोदी सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए कांग्रेस आने वाले दिनों में दो महीने का एक बहुत बड़ा और व्यापक देशव्यापी जन-आंदोलन शुरू करने जा रही है।
यह बड़ा अभियान सिर्फ दिल्ली या राज्यों की राजधानियों की सड़कों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जिला स्तर से लेकर सुदूर गांवों और ब्लॉक स्तर की गलियों तक ले जाया जाएगा। इसके तहत कांग्रेस के बड़े नेताओं से लेकर छोटे कार्यकर्ता उन पीड़ित छात्रों और परेशान परिवारों के घर-घर जाएंगे जो इस समय पेपर लीक और बेरोजगारी की भयंकर मार झेल रहे हैं।
दफ्तर छोड़ सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे कांग्रेसी कार्यकर्ता
केसी वेणुगोपाल ने बातचीत में पूरी तरह साफ किया कि इस बार कांग्रेस विरोध प्रदर्शन के अपने पुराने और पारंपरिक तरीकों को छोड़कर एक बिल्कुल नए और आक्रामक अंदाज में जनता के बीच जाने वाली है। पार्टी के कार्यकर्ता हर उस नागरिक के आंसू पोंछने का काम करेंगे जो इस समय देश की आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियों से बुरी तरह त्रस्त है।
उन्होंने पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों को सख्त हिदायत दी है कि इस दो महीने के आंदोलन के दौरान किसी भी नेता को दफ्तरों में आराम से नहीं बैठना है, बल्कि सभी को जनता के हक के लिए अग्रिम मोर्चे पर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा। इस महाअभियान का पूरा विस्तृत खाका अगले दो से तीन दिनों में कांग्रेस द्वारा आधिकारिक रूप से जनता के सामने जारी कर दिया जाएगा।
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