हल्द्वानी- दुष्कर्मी को बचाने के लिए पत्नी ने दी झूठी गवाही, लटकी कार्रवाई की तलवार

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हल्द्वानी में दुष्कर्म की विवेचना में लापरवाही बरतने पर लालकुआं कोतवाली की एसआइ अंजू नेगी को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। अंजू ने दुष्कर्मी को बचाने …और पढ़ें


तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है।
दुष्कर्म विवेचना में लापरवाही पर एसआइ अंजू नेगी निलंबित।

आरोपी की पत्नी ने कोर्ट में दी झूठी गवाही।

एसएसपी ने पीड़िता को न्याय दिलाने को नई जांच के निर्देश।

हल्द्वानी। दुष्कर्म की विवेचना में लापरवाही बरतने पर लालकुआं कोतवाली की एसआइ अंजू नेगी को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद अब पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए दूसरा जांच अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वहीं एसआइ के सस्पेंड होने के बाद उसकी असली करतूत सामने आई है।


निलंबित अंजू ने दुष्कर्मी को बचाने और मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए एसएसपी को गुमराह करने का प्रयास किया। साथ ही कोर्ट में भी दुष्कर्मी की पत्नी से झूठी गवाही दिलवाई गई। वहीं पत्नी ने भी अपने पति को बचाने के लिए खुद को उसकी लिव इन पार्टनर बता दिया।


पुलिस की जांच में अब कोर्ट में झूठी गवाही देने वाली पत्नी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दरअसल, लालकुआं थाने में अक्टूबर 2025 में युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। युवक महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था, साथ ही वह पहले से शादीशुदा था और युवक के दो बच्चे भी हैं।

इस प्रकरण की विवेचना एसआइ मंजू को सौंपी गई थी। जांच में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने एसआइ को तलब किया। जिसपर एसआइ ने एसएसपी के समक्ष पीड़िता को ही गुनहगार साबित करते हुए यह कह दिया कि पीड़िता सिर्फ रुपयों के लिए आरोपित को फंसा रही है। जबकि वह आपसी रजामंदी से रिश्ते में थे। दरोगा अंजू ने अपनी जांच में लिखा कि आरोपित शादीशुदा नहीं है, बल्कि पहले रिश्ते में भी वह लिव इन में रह रहा था।

एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वह नए सिरे से जांच शुरू करवा रहे हैं। इसके लिए आरोपित के बच्चों के स्कूल के प्रमाणपत्र में दर्ज उसके नाम को साक्ष्य के रूप में पेश करेंगे। कहा कि मामले में कोर्ट में झूठी गवाही देने वाली आरोपित की पत्नी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।