उत्तराखंड में अगले 72 घंटे भारी: मौसम विभाग का खौफनाक अलर्ट, दहल उठेंगे ये 6 जिले!

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क्या उत्तराखंड में 3 दिन तक भारी बारिश और तूफान तबाही मचा सकता है? क्या 50 किमी/घंटा की तेज हवाएं और ओलावृष्टि जनजीवन को प्रभावित करेंगी? टिहरी, नैनीताल और देहरादून में भूस्खलन का खतरा कितना गंभीर है? क्या येलो अलर्ट वाले जिलों में हालात और भी बिगड़ सकते हैं?

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Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड की हसीन वादियों में घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम विभाग ने एक बेहद डरावनी और सतर्क करने वाली चेतावनी जारी की है। देहरादून मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन ने पूरे राज्य में खलबली मचा दी है। देवभूमि के आसमान पर अगले तीन दिनों के लिए काले बादलों का ऐसा डेरा जमा होने जा रहा है, जो पहाड़ों से लेकर मैदानों तक भारी तबाही का सबब बन सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के इस अचानक आए अलर्ट के बाद से ही प्रशासन हाई-मोड पर आ गया है।

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आसमान से बरसेगी आफत: किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा?

इस पूरे बुलेटिन का सबसे डरावना पहलू राज्य के छह चुनिंदा जिलों के लिए जारी की गई कड़क चेतावनी है। मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए उन जिलों के नामों का खुलासा किया है, जहां कुदरत का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का बयान: “अगले तीन दिन उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। विशेष रूप से टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक मौसम पलटेगा। यहां भयानक आंधी-तूफान के साथ आसमानी बिजली कड़कने और भारी ओलावृष्टि (ओले गिरने) की प्रबल आशंका है।” इन जिलों में रहने वाले लोगों को बिना बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, क्योंकि आसमानी बिजली का खतरा सीधे जान पर भारी पड़ सकता है।

50 KM की रफ्तार से चलेंगी बर्फीली हवाएं: मैदानी इलाकों में ‘येलो अलर्ट’ का सस्पेंस

खतरा सिर्फ पहाड़ों की ऊंची चोटियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मैदानी इलाकों की तरफ भी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की जानलेवा रफ्तार से धूलभरी और तेज हवाएं चल सकती हैं। यह रफ्तार इतनी खतरनाक है कि कमजोर पेड़ और बिजली के खंभे पलक झपकते ही धराशायी हो सकते हैं।

इसके साथ ही, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों समेत अन्य पहाड़ी इलाकों के लिए भी ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया गया है। येलो अलर्ट का सीधा मतलब है कि मौसम किसी भी वक्त अचानक करवट लेकर भारी तबाही की शक्ल अख्तियार कर सकता है। चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं को भी अपनी यात्रा की योजना बेहद सोच-समझकर और मौसम का अपडेट देखकर ही बनाने को कहा गया है। अगले 72 घंटे उत्तराखंड के इतिहास में सस्पेंस और डर के साए में कटने वाले हैं, जहां पल-पल बदलता मौसम किसी बड़े खतरे का संकेत दे रहा है।

क्या अगले तीन दिन बन सकते हैं चुनौतीपूर्ण?

मौसम विभाग की यह चेतावनी संकेत देती है कि उत्तराखंड में अगले तीन दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।