अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने पर खूनी संघर्ष, 10 थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची

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पूरे देश में आजादी के अमृत महोत्सव को मनाने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है। किसी भी प्रकार की विवादास्पद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी सड़कों पर है। बावजूद इसके कानपुर देहात में कुछ उपद्रवी तत्वों ने संविधान के रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़कर एक बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। जिसमे दो पक्षों के बीच में भारी मारपीट हुई और कई लोग गंभीर रूप से लहूलुहान भी हुए। सूचना पर जनपद की 10 थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासन के जनपद के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

तस्वीरों में दिख रही भारी भरकम पुलिस बल और पुलिस की गिरफ्त में यह उपद्रवी और गांव में लोगों पर लगा देर रात जमावड़ा इस बात का इशारा कर रहा है कि यहां पर कुछ बढ़ा हुआ है। आपको बता दें कि कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र नेफलापुर गांव की तस्वीरें हैं। देर रात गांव में हो रहे भंडारे को लेकर दो लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई और यह कहासुनी गांव में लगी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के टूट जाने के वाद विवाद इतना गहरा गया कि 2 पक्ष सैकड़ों की तादाद में गांव में खट्टा हो गए। एक दूसरे पर ताबड़तोड़ लाठी-डंडे और मारपीट का सिलसिला शुरू कर दिया। जिसके बाद मूर्ति टूटने के विवाद में इस घटना में तकरीबन आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इस गांव में डेरा डाल दिया । वहीं पुलिस दोनों पक्षों को समझाने में जुटी हुई थी । लेकिन दोनों पक्ष घटना के मामले में समझने का नाम नहीं ले रहे थे। वहीं पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर ले ली और ताबड़तोड़ दबिश चालू कर दी। पुलिस की दबिश के दौरान पुलिस ने लगभग आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है इस पूरे मामले में बात निकल कर सामने आ रही है कि लगभग एक दर्जन से ऊपर उपद्रवियों ने इस घटना को अंजाम दिया और पूरे क्षेत्र का माहौल गंभीर कर दिया।

भारी-भरकम पुलिस बल

सैकड़ों की तादाद में गांव में यह लोग और भारी-भरकम पुलिस बल इस बात के लिए यहां मौजूद है की मूर्ति टूटने के मामले में हुए खूनी संघर्ष के चलते यहां पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की पुलिस कवायद कर रही है । इस गांव में धार्मिक भंडारे का आयोजन किया गया था । जिसके चलते दो पक्ष आपस में लड़ गए मामला यहां पर शुरू हुआ कि गांव के ही चौबारे पर बनी डॉक्टर साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लगभग 1 दर्जन से अधिक अराजक तत्वों ने तोड़ दिया। जिसके बाद मामला इतना गहरा गया कि खूनी संघर्ष में बदलते देर नहीं लगी । देखते ही देखते लोग एक दूसरे पर टूट पड़े । जिसमें लगभग आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए , एक गर्भवती महिला को भी गंभीर रूप से चोटें आई हैं । जिसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है ।

वहीं घटना की जानकारी होने पर अपर पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकारी और लगभग 10 थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई वहीं पर एडीएम प्रशासन एसडीएम सिकंदरा भी मौके पर पहुंच गए भीमराव अंबेडकर की मूर्ति टूटने पर राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए पार्टियां इस गांव की ओर रवाना होने लगी वही आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील भी मौके पर पहुंच गए फिलहाल पुलिस ने इस पूरी घटना में घायलों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया है आला अधिकारियों ने घायलों का हाल भी जान लिया साथ ही साथ पुलिस लगातार उन अराजक तत्वों को पकड़ने के लिए सड़क पर उतर चुकी है और लगातार इस बात की कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द इस घटना को अंजाम देने वाले अराजक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया जाए फिलहाल पुलिस ने गांव के खेतों को इस घटना में शामिल होने के चलते गिरफ्तार भी कर लिया है जिन्हें तहरीर के मुताबिक सुसंगत धाराओं में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

मोहित घटना के बाबत जब हमने क्षेत्राधिकारी डेरापुर विजेंद्र द्विवेदी से बात की तो उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है घायलों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया गया है जल्द से जल्द इस पूरी घटना में शामिल अन्य अराजक तत्वों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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