जिला पंचायत के सदस्यों अपरहण केस का फैसला तो आया नहीं लेकिन सरकारी कार्य में बाधा के केस का आया फैसला

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लाखन सिंह नेगी, गोपाल बिष्ट तथा गजेंद्रसिंह को किया आरोप मुक्त

नैनीताल skt. com

नैनीताल जिला पंचायत के चुनाव की 1 वर्ष गुजर जाने के बाद भी पिछले वर्ष रेनकोट धारी द्वारा जिला पंचायत के सदस्यों के अपहरण के मामले में कोई जांच अपने अंजाम तक नहीं पहुंची है वही इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदार रही पुष्पा नेगी के पति लखन सिंह नेगी को एक मामले में राहत मिल गई है उनके स्कूल की नाप जोख करने के लिए पहुंची सरकारी टीम को कार्य करने से रोकने के एक मुकदमे में से लाखन सिंह गोपाल लिस्ट और गजेंद्र सिंह को आरोप मुक्त कर दिया है ।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, प्रशासनिक वाहन का घेराव करने और नारेबाजी करने के मामले में लाखन सिंह नेगी समेत तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को संदेह से परे साबित न होने और साक्ष्यों में पर्याप्त कमी पाए जाने पर यह फैसला सुनाया।

मामला छह अगस्त 2025 का है। तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार युगल किशोर पांडेय, राजस्व निरीक्षक गोपाल चंद्र जोशी समेत राजस्व टीम ग्राम सिमायल रैकवाल में निर्माणाधीन स्कूल की भूमि की जांच के लिए गई थी। आरोप था कि जांच के दौरान लाखन सिंह नेगी, गोपाल बिष्ट और गजेंद्र सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों के साथ राजस्व टीम का घेराव कर सरकारी कार्य में बाधा डाली और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

मामले में भवाली थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आठ गवाह पेश किए।

घटना से संबंधित सीडी और तस्वीरें भी अदालत में प्रस्तुत की गईं। हालांकि, गवाहों के बयानों में भिन्नता सामने आई। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने लाखन सिंह नेगी निवासी नथुवाखान, गोपाल बिष्ट निवासी पिलग्रीम लॉज मल्लीताल और गजेंद्र सिंह बिष्ट निवासी गढ़गांव नथुवाखान को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

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