नीलकंठ में महिला के पेट की गांठ का सफल ऑपरेशन, निकला 9 लीटर पानी,
33 सेमी0 गाँठ को दूरबीन की मदद से निकाला बाहर , जबकि इतने बड़े ऑपरेशन के लिए डॉक्टर लगाते है बड़ा चीरा
हल्द्वानी skt. com
चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का संगम एक बार फिर नीलकंठ अस्पताल हल्द्वानी में देखने को मिला। अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. निशा मरहट्टा जोशी ने एक 30 वर्षीय महिला के पेट से 33 सेंटीमीटर लंबी विशालकाय गांठ (Cyst) को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है।
MRI रिपोर्ट में पता चला कि पेट के बड़े हिस्से में फैली थी गांठ, मरीज पिछले 1-2 वर्षों से पेट में भारीपन और दर्द की समस्या से जूझ रही थी। MRI जांच में एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार महिला के पेट और पेल्विस हिस्से में 19 x 31 x 33 सेंटीमीटर आकार की एक विशाल गांठ थी।
इस गांठ का कुल आयतन (Volume) लगभग 9718 cc (करीब 9.7 लीटर) था।
इस विशाल सिस्ट ने पेट के अंदरूनी अंगों (आंतों) को पीछे और ऊपर की ओर धकेल दिया था।
दूरबीन विधि (Laparoscopy) से सफल ऑपरेशन किया गया। इतनी बड़ी गांठ को अक्सर बड़े चीरे वाले ऑपरेशन से निकाला जाता है, लेकिन डॉ. निशा मरहट्टा जोशी ने अपने अद्वितीय कौशल का प्रदर्शन करते हुए इसे लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) विधि से निकालने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान गांठ और लगभग 9 लीटर तरल पानी निकाला गया, जिससे मरीज को तुरंत भारीपन से राहत मिली।
इस जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन को सफल बनाने में पूरी ऑपरेशन थिएटर टीम का योगदान सराहनीय रहा। जिसमें मुख्य सर्जन डॉ. निशा मरहट्टा जोशी और एनेस्थीसिया विभाग में डॉ. हेम भट्ट और दया पांडे जी के सटीक प्रबंधन से ऑपरेशन निर्बाध संपन्न हुआ। ऑपरेशन टीम में वरिष्ठ ओटी तकनीशियन नरेंद्र गंगवार और मनीषा ने तकनीकी मोर्चे पर मुख्य भूमिका निभाई।
नीलकंठ अस्पताल हल्द्वानी में इस तरह के जटिल ऑपरेशन समय-समय पर किए जाते रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अत्याधुनिक मशीनों और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के कारण अब मरीजों को बड़े मेट्रो शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है। महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है।
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