केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8th Pay Commission की बैठकों का दौर पूरा
आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को करीब 9 महीने बीत चुके हैं। अब हर किसी के मन में सिर्फ यही सवाल तैर रहा है कि आखिर वेतन आयोग कब तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी भी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सवाल यह भी है कि क्या आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को सरकार पूरी तरह से लागू करेगी? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
2027 के मध्य तक रिपोर्ट आने की उम्मीद
उम्मीद जताई जा रही है कि वेतन आयोग 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार इसकी सिफारिशों की गहनता से जांच करेगी और फिर इसे लागू करने पर अंतिम फैसला लेगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार इन सिफारिशों को अक्षरश: (हूबहू) लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। इस पर अंतिम निर्णय सरकारी खजाने की स्थिति और वित्तीय बोझ के हिसाब से लिया जाएगा। ऐसे में यह देखना बेहद अहम होगा कि सरकार सिफारिशों को बैकडेट से लागू करती है या नहीं। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को यह उम्मीद है कि वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही लागू मानी जाएंगी।
अब तक बैठकों के 9 दौर हो चुके हैं पूरे
वेतन आयोग ने अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संबंधित हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ बातचीत के नौ दौर पूरे कर लिए हैं। इस बातचीत का आखिरी दौर 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में आयोजित हुआ था।
अलग-अलग शहरों में बैठकों के जरिए वेतन आयोग कई संबंधित पक्षों से मिलता है। इस दौरान वेतन संशोधन, पेंशन, भत्ते और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले दूसरे तमाम मुद्दों पर उनके सुझाव मांगे जाते हैं। आपको बता दें कि वेतन आयोग ने इसी साल अप्रैल महीने से इन बैठकों का दौर शुरू किया था।
नवंबर 2025 में हुआ था गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग को अपनी मंजूरी दी थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को इसका औपचारिक गठन किया गया और इसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था।
जुलाई के मध्य तक आठ महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और आयोग के पास अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए लगभग 10 महीने का समय बाकी है। सरकार के इस बड़े फैसले का सीधा असर केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और करीब 70 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ने वाला है।
3.83 फिटमेंट फैक्टर और OPS की मांग
विभिन्न कर्मचारी यूनियनें 3.83 के फिटमेंट फैक्टर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी की मांग पर अड़ी हुई हैं।
अगर आयोग 3.83 गुना फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है और केंद्र सरकार इसे स्वीकार कर लेती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन मौजूदा 18,000 रुपये से सीधा बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगा। यानी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में करीब 283 प्रतिशत की बंपर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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