राज्यसभा उम्मीदवार दिनेश आर्य ने की CM धामी से मुलाकात, पार्टी नेतृत्व के विश्वास के लिए जताया आभार,फिर……..

राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा हो गई है। जिसके बाद रविवार को दिनेश आर्य ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से खटीमा में मुलाकात की।
राज्यसभा उम्मीदवार दिनेश आर्य ने की CM धामी से मुलाकात
केंद्रीय नेतृत्व द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद दिनेश आर्य ने खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास पर पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आर्य ने पार्टी नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया।
BJP ने एक तीर से साधे कई निशाने
बता दें बीते रविवार को भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड से दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगा दी है। भाजपा के इस संसदीय चयन से केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व ने अपने इस सियासी फैसले से एक ही तीर से कई निशाने साधे हैं। उत्तराखंड में दलित (अनुसूचित जाति) वोटरों की आबादी करीब 19 प्रतिशत है। किसी भी चुनाव में यह वोट बैंक सरकार बनाने या बिगाड़ने का दम रखता है।
बीते दिनों हल्द्वानी का तथाकथित ‘शुद्धिकरण विवाद’ काफी उत्तराखंड में ही नहीं देशभर में सुर्खियों में रहा था। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर जमकर हमले बोले थे। यह मामला सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली की संसद तक गूंजा। ऐसे संवेदनशील माहौल में, हल्द्वानी के ही रहने वाले और दलित समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश आर्य को राज्यसभा भेजने का फैसला विपक्ष के आरोपों की धार को पूरी तरह कुंद करने की रणनीति मानी जा रही है।
शहरखोजें
कुमाऊं और गढ़वाल का क्षेत्रीय संतुलन
पिछले विधानसभा चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो गढ़वाल में भाजपा ने जैसा शानदार प्रदर्शन किया था, उसके मुकाबले कुमाऊं क्षेत्र में पार्टी की पकड़ थोड़ी कमजोर रही थी। दिनेश आर्य मूल रूप से कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी से आते हैं। उन्हें संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में भेजकर भाजपा ने चुनावों के लिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने में कुमाऊं के लोगों खासकर दलित वोट को एक सीधा संदेश दिया है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें


