गैस ना मिलने के सवाल पर PM Modi ने साधी चुप्पी!, जानिए Viral Video की कहानी

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PM Modi Viral Video On LPG Crisis

PM Modi Viral Video On LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जंग चल रही है। इसी की वजह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत भी देखने को मिल रही है। गैस की किल्लत को लेकर खबरें लगातार जोर पकड़ रही हैं। गौर करें तो एलपीजी सप्लाई में कमी 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद से शुरू हुई। भारत में इससे घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी का वक्त बढ़ गया। सरकार ने हमेशा यहीं कहा है कि लोगों के लिए गैस की कमी नहीं है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसने एक बार फिर गैस की किल्लत को लेकर बहस छेड़ दी है। दरअसल इस वीडियो में पीएम मोदी से सवाल किया गया कि गैस की किल्लत क्यों हो रही है। इसी गैस का मसला उठाने को लेकर ये वीडियो सुर्खियों में आ गई। चलिए इस वायरल वीडियो की सच्चाई जान लेते है।

गैस ना मिलने के सवाल पर पीएम मोदी ने साधी चुप्पी? PM Modi Viral Video On LPG Crisis

video- https://youtu.be/Eajclle72UE?si=oD74fKfsZ5heRsuq

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये राउरकेला की है। इसमें पीएम मोदी रैली कर रहे हैं। वीडियो में पीएम मोदी हाथ हिलाकर संबोधित करने हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक युवक की आवाज सुनाई दे रही है जिसमें वो कहता है कि “गैस नहीं मिल रहा है अंकल. गैस नहीं मिल रहा है सर. गैस नहीं मिल रहा है. क्या करेंगे हम लोग?” हालांकि इस पर पीएम मोदी कुछ नहीं बोलते। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई Viral Video

हालांकि वीडियो की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और ही सामने आई। सबसे पहले पीएम मोदी की ये वीडियो हालिया दौरे केरल की निकली। थ्रिसरूर में उन्होंने रोड शो के साथ जनसभा को संबोधित किया था। तो वहीं वीडियो में दावे वाला राउरकेला दौरा पीएम मोदी ने साल 2015 को किया था।

फर्जी निकला दावा

PIB ने साफ कर दिया है कि वायरल वीडियो पर हो रहा दावा पूरी तरह से फेक है। PIB ने ट्वीट कर के बताया- “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो का है। यह दावा फर्जी है। यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोगी का नहीं, बल्कि उनके हमशक्ल का है। कृपया भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।