स्थाई राजधानी के अनशन का 19वाँ दिन अधिवक्ता ने सभाला मोर्चा
, हल्द्वानी |

उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर 18अक्टूबर से बुद्धपार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन चल रहा है आज अनशन वरिष्ठ अधिवक्ता ललित मोहन जीना बैठे उन्होंने कहा आंदोलन के दौरान राज्यआंदोलनकारियों में जो बर्बरता हुई यह असहनीय है उत्तराखंड भारत का इकलौता राज्य है जिसे पाने के लिये राज्य में 43 शहादत हुई एक दशक तक आंदोलन चला आज राज्यवासियों को एक बार फिर से एकजुट होने की आवश्यकता है.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहें पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि पिछले 19 दिनों से राज्य के कई हिस्सों से हल्द्वानी बुधपार्क में पहुंचकर इस अभियान को समर्थन दें रहें है और अनशन में बैठते है आंदोलन को बड़े स्तर पर समर्थन मिल रहा है जिसे महसूस हो रहा है कि राज्य की राजधानी का यह संघर्ष सफल होगा.
अनशन को समर्थन में पहाड़ी आर्मी के महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रेमा मेऱ ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण पहाड़ के अस्तित्व, अस्मिता और संस्कृति की सुरक्षा के लिये हुआ लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का प्रश्न अधूरा है।
उन्होंने कहा, “पहाड़ के खेत, किसान, गांव और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना आवश्यक है। राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों को अब और अधूरा नहीं रखा जाना चाहिए।
आंदोलन को समर्थन में आये आंदोलनकारियों ने कहा राज्य के कई हिस्सों से आकर आंदोलनकारी हल्द्वानी में बैठे हैं तो अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में आने की अपील की उन्होंने आंदोलन में हर वर्ग की भागीदारी के साथ पहाड़ की पहचान, पलायन, रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर एक होना होगा
इस दौरान ,नीमा भट्ट अंजू, राजेंद्र कांडपाल, आनंद कन्याल,तारा पाण्डेय, कविता जीना ,मृदुला मनराल,देवेंद्र सालाकोट,रजत पाटनी, सुसीलभट्ट,सीमा देवी ललिता देवी हिमानी पांडे,ज्योतिष्ण पांडे उषा शर्मा, दीपक जोशी तारा पांडे र आदि सैकड़ो आंदोलनकारी मौजूद रहें।
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