रिश्तों में मोबाइल बन रहा विवाद की बड़ी वजह, महिला सेल में एक साल में पहुंचीं 433 शिकायतें

ख़बर शेयर करें

कोरबा महिला सेल में वर्ष 2025 के दौरान महिलाओं से जुड़े 433 मामले सामने आए।…और पढ़ें

रिश्तों में मोबाइल बन रहा विवाद की बड़ी वजह, कोरबा महिला सेल में एक साल में पहुंचीं 433 शिकायतें
बदलता लाइफस्टाइल और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़े पारिवारिक विवाद। (AI Generated Image)

 बदलती जीवनशैली और मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग के बीच पारिवारिक रिश्तों में तनाव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोरबा महिला सेल में वर्ष 2025 के दौरान महिलाओं से जुड़े कुल 433 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में शराब सेवन, चरित्र पर शंका, विवाहेतर संबंध और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न अविश्वास को कई विवादों की प्रमुख वजह माना गया है।

महिला सेल के अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में दंपती के बीच संवाद की कमी और आपसी शंका के कारण पारिवारिक रिश्तों में दरार देखने को मिल रही है।

433 मामलों में 23 में अपराध दर्ज

महिला सेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में आए 433 मामलों में से 23 मामलों में अपराध दर्ज किया गया। वहीं 226 मामलों का निराकरण कर दिया गया, जबकि 161 मामलों में परिवार परामर्श और समझाइश के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। इसके अलावा 23 मामले अभी विचाराधीन हैं।

महिला सेल की टीम पारिवारिक विवादों में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ परामर्श के जरिए समाधान निकालने का प्रयास भी कर रही है, ताकि परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।

महिला सेल की टीम कर रही परामर्श

कोरबा महिला सेल में प्रभारी भावना खंडारे के नेतृत्व में एक टीम कार्यरत है। इस टीम में महिला प्रधान आरक्षक बेनेदिकता ग्लोरिया बेफ, प्रतिभा राय, अनसूइया भानु, अंजू सुचिता पन्ना और आरक्षक ओमप्रकाश निर्मलकर पदस्थ हैं।

यह टीम पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर परामर्श देती है और आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करती है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ विवाद समय के साथ बड़ा रूप ले लेता है।

मोबाइल और अविश्वास बन रहे विवाद की वजह

महिला सेल के पास आने वाले कई मामलों में मोबाइल फोन को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है। देर रात तक मोबाइल पर बातचीत करना, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और फोन से जुड़े संदेह दंपती के बीच अविश्वास पैदा कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में पति-पत्नी के बीच मोबाइल पर होने वाली बातचीत को लेकर संदेह उत्पन्न होता है, जिससे विवाद बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी संवाद बढ़ाने की सलाह दी जाती है ताकि रिश्तों में सुधार हो सके।

एक ही स्थान पर मिलती है कई प्रकार की सहायता

महिलाओं से जुड़े मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए एक ही स्थान पर कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां अस्थायी आश्रय, चिकित्सकीय सहायता, पुलिस सहयोग, कानूनी सलाह और परामर्श की सुविधा दी जाती है।

इसके अलावा महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से चौबीसों घंटे सहायता और जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जरूरतमंद महिलाएं तुरंत मदद प्राप्त कर सकें।

जनजागरूकता अभियान भी चला रही पुलिस

कोरबा पुलिस महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। इसके तहत स्कूलों और महाविद्यालयों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसके साथ ही छात्राओं को बैड टच और गुड टच, महिला अपराध और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर भी जानकारी दी जा रही है। यह अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में एनीमिया और बाल विवाह रोकथाम को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं को शपथ दिलाई गई कि वे कम आयु में विवाह रोकने और समाज में जागरूकता फैलाने में सहयोग करेंगी।

केस- एक

दर्री थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया, जहां विवाह के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया। मामला महिला सेल तक पहुंचा। परामर्श के दौरान दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन मतभेद अधिक होने के कारण दोनों अलग रहने पर सहमत हो गए।

केस – दो

सीएसईबी क्षेत्र में सामने आए एक मामले में पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद पत्नी ने उसके साथ रहने से इन्कार कर दिया।

केस – तीन

एक अन्य मामले में पति और पत्नी दोनों एक-दूसरे के चरित्र पर संदेह करते थे। लगातार विवाद के चलते दोनों ने अलग रहने का निर्णय ले लिया।

महिला सेल के अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी बातों से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेता है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को समझाइश देकर परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया जाता है।