केंद्रीय कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! 8वें वेतन आयोग से पहले सरकार ने मानी ये 5 बड़ी मांगें

ख़बर शेयर करें

नई दिल्ली: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से अपनी कई मांगों को लेकर इंतजार कर रहे कर्मचारियों पर अब केंद्र सरकार ने बड़ा दिल दिखाया है। हाल ही में आयोजित नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं वार्षिक बैठक में पेंशन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़े कई संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है, जिसके बाद कर्मचारियों की पांच सबसे बड़ी मांगों पर नया और सकारात्मक अपडेट आया है।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता खुद कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की। बैठक में कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाई गई हर मांग पर सरकार ने गंभीरता दिखाई। सबसे खास और बड़ी बात यह रही कि कुछ प्रमुख और लंबे समय से लटकी मांगों को आगामी 8वें वेतन आयोग के विचार के लिए भेजने का पक्का भरोसा दिया गया है। सरकार के इस कदम से केंद्रीय कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनभोगियों में खुशी की नई लहर दौड़ गई है।

हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने की तैयारी, 8वें वेतन आयोग को भेजा मामला

मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, पेंशनर्स की पेंशन में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी केवल नया वेतन आयोग लागू होने पर ही होती है, जो लगभग 10 साल में एक बार आता है। लेकिन 10 साल का यह लंबा इंतजार और लगातार बढ़ती महंगाई बुजुर्ग पेंशनभोगियों की कमर तोड़ देती है। इसी आर्थिक दबाव को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने मांग रखी है कि पेंशन में हर 5 साल पर संशोधन किया जाना चाहिए ताकि महंगाई का मुकाबला किया जा सके। सरकार ने इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को बेहद गंभीरता से लेते हुए इसे सीधे 8वें वेतन आयोग के पास भेजने का साफ संकेत दे दिया है। अगर ऐसा होता है, तो लाखों पेंशनभोगियों को हर 5 साल में बड़ी राहत मिल सकेगी।

फैमिली पेंशन में अब नहीं होगी बड़ी कटौती

वर्तमान नियमों के अनुसार, किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाने के बाद उसके परिवार को मिलने वाली फैमिली पेंशन कम होकर अंतिम वेतन का सिर्फ 30 प्रतिशत रह जाती है। इस नियम के चलते कई परिवार अचानक गहरे आर्थिक संकट में आ जाते हैं। बैठक में कर्मचारी पक्ष ने पुरजोर तरीके से यह मांग उठाई कि परिवार की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को देखते हुए फैमिली पेंशन में इतनी बड़ी कटौती पर रोक लगनी चाहिए। राहत की बात यह है कि सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे को भी 8वें वेतन आयोग के समक्ष भेजने पर अपनी सहमति दे दी है। इससे आने वाले दिनों में कर्मचारियों के परिवारों को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

दिव्यांग आश्रितों को मिलेगी बड़ी राहत, नियम होंगे आसान

शारीरिक रूप से असमर्थ या दिव्यांग आश्रित बच्चों को फैमिली पेंशन का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और आय प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता था। यह जटिल प्रक्रिया कई परिवारों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद परेशान करने वाली साबित हो रही थी। अब सरकार ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने का एक बड़ा मानवीय फैसला लिया है। संबंधित विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इस नियम को बेहद आसान और व्यावहारिक बनाया जाए, और जरूरत पड़ने पर आय प्रमाण पत्र की इस अनिवार्य शर्त को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाए। इस फैसले से देश के हजारों दिव्यांग आश्रितों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

अब विधवा बहू को भी मिलेगा फैमिली पेंशन का कानूनी हक

इस बैठक में सामाजिक दृष्टिकोण से एक और बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय मांग उठाई गई। कर्मचारी संगठनों ने प्रस्ताव रखा कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी के बेटे की मृत्यु हो चुकी हो, तो उसकी विधवा और आश्रित बहू को भी परिवार का सदस्य मानते हुए फैमिली पेंशन का पूरा लाभ दिया जाना चाहिए। सरकार ने इस नेक सुझाव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कानून मंत्रालय और संबंधित विभागों के साथ मिलकर नियमों की समीक्षा करने का फैसला किया है। यदि यह बड़ा बदलाव नियमों में शामिल होता है, तो समाज की कई बेसहारा महिलाओं को एक मजबूत आर्थिक सहारा मिल सकेगा।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) का खुलेगा रास्ता, इन लोगों की चमकेगी किस्मत

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर हुई। देश में कई ऐसे केंद्रीय कर्मचारी हैं जिनकी भर्ती की प्रक्रिया तो 22 दिसंबर 2003 से पहले ही शुरू हो चुकी थी, लेकिन सरकारी विभागों की लेट-लतीफी और प्रशासनिक देरी के कारण उनकी नियुक्ति पत्र या जॉइनिंग साल 2004 के बाद हुई। ऐसे कर्मचारियों को जबरन नई पेंशन योजना (NPS) के दायरे में शामिल कर दिया गया था।

अब कर्मचारी संगठनों ने पुरजोर मांग की है कि प्रशासनिक देरी की सजा कर्मचारियों को न मिले और उन्हें पुरानी पेंशन योजना का हक दिया जाए। सरकार ने इस मामले में कर्मचारी पक्ष से एक विस्तृत प्रस्ताव (Detailed Note) मांगा है और इस पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया है।

इसके अलावा, अनुकंपा नियुक्ति वाले मामलों में भी बड़ी राहत का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। जिन पीड़ित परिवारों ने 22 दिसंबर 2003 से पहले अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें नौकरी 1 जनवरी 2004 के बाद मिली, उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) का पूरा लाभ देने पर सरकार ने अपनी सहमति दे दी है।

पेंशनभोगियों के लिए बढ़ गई है बड़ी उम्मीद

NC-JCM की इस बेहद कामयाब बैठक के बाद यह पूरी तरह साफ माना जा रहा है कि सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन से पहले ही कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े गंभीर मुद्दों का निपटारा करना चाहती है। खासकर पेंशन सुधार, ओपीएस और फैमिली पेंशन जैसे अहम विषयों पर सरकार के सकारात्मक रुख से लाखों परिवारों का भविष्य सुरक्षित होता दिख रहा है। अगर आने वाले दिनों में इन सभी प्रस्तावों को कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी राहत साबित हो सकती है।