हलद्वानी -माफिया हुआ बेखौफ, रात 8 बजे किया तांड़व
दलित की झोपड़ी को किया तहस-नहस, भाजपा नेताओं पर लगाया आरोप , पीड़ित परिवार का कुछ लोगों को पहचानने की बात, नामजद तहरीर देंगे
हल्द्वानी skt.com
हल्द्वानी में भूमाफिया बेखौफ हो गए हैं रात को जाकर किसी के आशियाने को उजाड़ देना उनके लिए बाएं हाथ का खेल है। ऐसा ही एक मामला वार्ड नंबर 43 नरसिंह तल्ला में हुआ। जहां रात्रि 8:00 बजे भू माफिया ने अपने गुंडे भेज कर दलित परिवार की झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया ।

महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया घर के पास बंधी गाय और बकरियों को खोल कर भगा दिया घर में मौजूद दो महिलाएं घबरा गई ।घटना के वक्त और उसका कोई पुरुष मौजूद नही था।
जानकारी के अनुसार नरसिंह तल्ला वार्ड नंबर 43 में चंद्रपाल प्रजापति अपने परिवार के साथ झोपड़ी बनाकर रहता है। घटना के वक्त उनकी पत्नी मोहनवती बहू ममता थी। उसे वक्त करीब दो ढाई दर्जन लोग आए और उन्होंने ताबड़तोड़ झोपड़ी तोड़नी शुरू कर दी और गाय और बकरियों को खोलकर भगा दिया ।
महिलाओं के द्वारा विरोध करने पर उन्हें डरा धमका दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की भी बात कही जा रही है यह बात जैसे ही चंद्रपाल और उसके बेटे अर्जुन को पता चली तो वह आरटीओ चौकी गए वहां पर सिर्फ एक पुलिस का सिपाही मौजूद था इसलिए उनकी तहरीर भी नहीं ली गई
किस पर है भू माफिया की नजर
जिस जगह पर चंद्रपाल प्रजापति का परिवार रहता है। वह नाले के किनारे है। परिजनों के अनुसार जिस प्लॉट को चंद्रपाल ने खरीदा वह प्लॉट चंद्रपाल को न देकर नाले के किनारे का प्लॉट दे दिया उस समय प्लॉट के बदले प्लॉट मिलने पर उसकी प्लॉट की भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई ।अब इस प्लॉट को बेचने की बात कह कर भूमाफिया चंद्रपाल के परिवार को वहां से भी दखल करना चाह रहा है। जबकि जो प्लॉट चंद्रपाल ने खरीदा था उसकी रजिस्ट्री और दाखिल खारिज भी चंद्रपाल के पास मौजूद है इंद्रपाल ने जब प्लॉट उसे देने की मांग की तो उन्होंने उसके बदले दूसरा प्लाट देने की बात कह दी तथा अपने ऊपर किसी भी तरह का कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने को कहा।
चंद्रपाल सीधे-साधे व्यक्ति हैं तो उन्होंने प्लॉट के बदले प्लॉट मिलने पर उनके खिलाफ कोई केस नहीं किया लेकिन अब वह माफिया उस प्लॉट को भी बेचने की बात कह कर उनसे खाली करवा रहा है ।
लैंड फ्राड के इस मामले पर भी भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है लेकिन फिलहाल एक गरीब की झोपड़ी उजाड़ कर रख दी तथा उसे खुले आसमान की नीचे छोड़ दिया ।
इस मामले में पीड़ितों के द्वारा झोपड़ी को तोड़ने के दौरान कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं को पहचानने की बात कही है हम इन नेताओं के नाम इस समय समाचार में अंकित नहीं कर रहे हैं लेकिन जैसे ही तहरीर में इन नेताओं के नाम आएंगे तो हम इनको उजागर भी कर देंगे आज पीड़ित परिवार तहरीर देगा तथा इसके बाद क्या अन्य कार्रवाई होती है यह देखने वाली बात है
इधर दीपक सनवाल ने बताया कि यह प्लाट मेरा है। इसे 2020में मैंने खरीदा है। हमने इसे विजय पाल से खरीदा। इसकी रजिस्ट्री एवम दाखिल खारिज भी है। मैन इनका अतिक्रमण हटाया है।
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