खाकी का अहंकार! आर्मी जवान को दारोगा ने 14 सेकंड में मारे 6 मुक्के, सेना को भी कहे अपशब्द
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से पुलिस की बर्बरता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां थाना जैंत की आझई चौकी प्रभारी पर भारतीय सेना के एक जवान के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और सेना के अपमान का गंभीर आरोप….
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से पुलिस की बर्बरता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां थाना जैंत की आझई चौकी प्रभारी पर भारतीय सेना के एक जवान के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और सेना के अपमान का गंभीर आरोप लगा है। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके बाद पीड़ित सैनिक ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
आझई खुर्द निवासी भारतीय सेना के जवान राधाचरण इन दिनों छुट्टी पर अपने गांव आए हुए हैं। रविवार सुबह वह अपने मित्र महेश कुमार (जो सीमा सुरक्षा बल यानी BSF में कार्यरत हैं) से मिलने उनके घर गए थे। आरोप है कि इसी दौरान आझई चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और किसी पुराने मामले को लेकर बीएसएफ जवान महेश कुमार को हिरासत में लेने लगे।
14 सेकंड में 6 मुक्के, मानवता भी हुई शर्मसार
घटना के वक्त महेश की गोद में उनका 5 महीने का मासूम बच्चा था। सेना के जवान राधाचरण ने पुलिस से केवल इतना अनुरोध किया कि “मानवीय आधार पर पहले बच्चे को उसकी मां को सौंपने दिया जाए।” सैनिक का आरोप है कि इतना सुनते ही चौकी प्रभारी आगबबूला हो गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब राधाचरण ने अपना परिचय ‘भारतीय सेना के जवान’ के रूप में दिया, तो पुलिस और अधिक आक्रामक हो गई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दरोगा ने महज 14 सेकंड के भीतर जवान को 6 मुक्के जड़े और सेना के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया।
बुजुर्ग महिला से बदसलूकी और जान से मारने की धमकी
पीड़ित सैनिक ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने केवल उनके साथ ही नहीं, बल्कि महेश कुमार की वृद्ध माता ओमवती देवी के साथ भी दुर्व्यवहार किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में सीओ सदर पीतमपाल सिंह का कहना है कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें



नारायण मनराल के आगे नही चली विरोधियों की निर्विरोध बने पनियाली के उप प्रधान
खनन एवं वन विभाग की जुगलबंदी से अस्तित्व में आएगा संजीवनी वन