जगी उम्मीद-खुशियों की सवारी फिर होगी शुरू,2019 से बंद थी

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देहरादून एसकेटी डॉटकॉम

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108 सेवा की तरह है संचालित होने वाली खुशियों की सवारी योजना फिर से चालू होने की उम्मीद शुरू हो गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया संपन्न की जा चुकी है यह सेवा संभवत सितंबर से पहले चालू कर दी जाएगी।

यह यह सेवा शुरू होने से गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को लाभ मिलेगा इस सेवा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने एवं अस्पताल में प्रसव होने के बाद बच्चे एवं प्रसूता को घर छोड़ने के लिए इस सेवा का उपयोग होता था।

2011में शुरू हुई इस योजना को तब आनन-फानन में शुरू किया गया था 2013 के बाद इस योजना जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के जिम में संचालन के लिए छोड़ा गया था उस दौरान 108 सेवा का संचालन करने वाली कंपनी से से इसका संचालन हटाकर सीएमओ को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन इसके बाद यह सेवा हिचकोले खाती हुई चली लेकिन उसके बाद क्या सेवा बंद हो गई ।

अब इस सेवा को शुरू करने की कवायद शुरू हो गई इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है इस सेवा को चलाने के लिए 108 सेवा का संचालन करने वाली कंपनी कैंप को जिम्मेदारी मिली है। खुशियों की सवारी सेवा शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इसका विशेष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।

गर्भवती महिला को अस्पताल लाने तथा प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को घर छोड़ने के लिए इस सेवा का प्रयोग किया जाता था लेकिन 2019 से यह सेवा बिल्कुल ही ठप हो गई थी जिसके बाद गर्भवती महिलाओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जानकारी के मुताबिक सरकार ने इसके लिए पहल शुरू की। भारत सरकार की ओर से इसके लिए बजट भी जारी हो गया जिसके बाद उसकी टेंडर की प्रक्रिया भी संपन्न हो गई।

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बार-बार यह सेवा चलती है और बंद हो जाती है इस बार भी चुनाव नजदीक होने के चलते इस सेवा को शुरू किया जा रहा है लेकिन यह सेवा निरंतर चलती रहे इसकी व्यवस्था होनी चाहिए।

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