लो आ गया जादुई टूल! बिना टेस्ट के पता चलेगी शरीर की खतरनाक बीमारियां, वैज्ञानिकों ने तैयार कर ली मशीन

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SleepFM AI Model: अब वैज्ञानिकों ने ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल बनाया है, जो इंसानों की एक रात की नींद का पैटर्न समझकर भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों का अनुमान लगा सकता है. इस मॉडल को SleepFM नाम दिया गया है. इस AI के आने से हेल्थकेयर की दुनिया में बड़ा बदलाव होने की संभावना बन रही है.  यह AI मॉडल अपकी नींद के पैटर्न से दिल की बीमारी (ECG), स्ट्रोक, डिमेंशिया (याददाश्त की बीमारी), किडनी फेल होना और यहां तक कि मौत के भी खतरे का अंदाजा लग सकता है. 

लो आ गया जादुई टूल! बिना टेस्ट के पता चलेगी शरीर की खतरनाक बीमारियां, वैज्ञानिकों ने तैयार कर ली मशीन

SleepFM AI Model: अगर कोई आपसे कहे कि आपकी नींद अब आपके स्वास्थ्य का भविष्य बताएगी, तो क्या आप इस बात पर विश्वास करेंगे? कई लोगों के लिए इसका जवाब ‘नहीं’ होगा. लेकिन अब आपकी यह सोच बदलने का वक्त आ गया है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल खोज निकाला है, जो आपकी सिर्फ एक रात की नींद के पैटर्न समझकर आने वाले कई वर्षों की सेहत की जानकारी दे सकता है. इसे SleepFM नाम दिया गया है. यह अपकी नींद के पैटर्न से दिल की बीमारी (ECG), स्ट्रोक, डिमेंशिया (याददाश्त की बीमारी), किडनी फेल होना और यहां तक कि मौत के भी खतरे का अंदाजा लगा सकता है. अमेरिका की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की यह रिसर्च नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुई है. 

क्या है SleepFM और यह कैसे करता है काम है?
SleepFM एक प्रकार का आधुनिक एआई मॉडल है. इस एआई मॉडल को 65,000 से अधिक लोगों के 5.85 लाख घंटों के ‘पॉलीसोम्नोग्राफी’ (PSG) डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है. जिससे यह एआई अपने आप नींद के दौरान शरीर में होने वाली गतिविधियों को समझकर इंसान में होने वाली 130 बीमारियों का अनुमान लगा सकता है. इसमें दिल की बिमारियां, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, स्ट्रोक का खतरा, मेटाबोलिक समस्या और नींद-से जुड़ी अन्य कई समस्याओं को पहचानने की क्षमता है. इस AI मॉडल की भविष्यवाणी करीब 75% मामलों में सही साबित हुई हैं. 

AI मॉडल ने किस बीमारी का कितनी सही अनुमान लगाया?
SleepFM AI मॉडल ने करीब 75% मामलों की सही जानकारी दी. इसमें मॉडल ने हार्ट अटैक के 10 में से 8 मामलों का सही अनुमान लगाया, साथ ही डिमेंशिया के 8.5, किडनी रोग के करीब 8, स्ट्रोक के 7.8 और ब्रेस्ट कैंसर के 10 में से करीब 9 अनुमान सही रहे. इसके लिए करीब 65,000 से अधिक लोगों की नींद से जुड़ा डेटा इस्तेमाल किया गया. यह डेटा करीब 5 लाख 85 हजार घंटों की नींद का था. 

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SleepFM AI मॉडल से क्या होगा बेहतर?
SleepFM जैसी तकनीक हेल्थकेयर सेक्टर को बड़े बदलाव की तरफ ले जा सकती है. आज के समय में जहां डॉक्टर बीमारी के लक्षणों को देखकर इलाज करते हैं. वहीं आने वाले समय में AI आपकी बीमारी से पहले उसका अनुमान लगा लेगा, जिससे समय रहते आप इलाज शुरू कर सकते हैं. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक समय के साथ स्वास्थ्य निगरानी का एक नया तरीका बन सकती है.

नींद से कैसे मिलेंगे बीमारी के संकेत?
वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि हमारी नींद के दौरान हमारा दिमाग, दिल, सांस और शरीर की मांसपेशियां लगातार काम करती रहती हैं. नींद के दौरान ही हमारा दिमाग अलग तरह से काम करता है, दिल की धड़कन भी धीमी या तेज होती रहती है, सांस लेने का तरीका बदलता है और शरीर को पूरी तरह से आराम मिलता हैं. इन सभी संकेतों को रिकॉर्ड करने के लिए डॉक्टर ‘स्लीप टेस्ट’ करते हैं, जिसके कारण कई बार इन बीमारियों के लक्षण शरीर में काफी पहले ही दिखाई देने लगते हैं. SleepFM का यह नया एआई मॉडल बीमारियों के इन लक्षणों का पहले से ही पता लगा लेता है.