नजदीकियां, प्यार और प्राइवेट वीडियो बनाकर फंसाने का जाल, बेटी बनाती फिजिकल रिलेशन, पिता करता ब्लैक मेल, एसओ की मौत के बाद ऐसे खुला हनी ट्रैप का राज

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UP Basti Honey Trap Daugher Father Jaal

एक हनीट्रेप का चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां बेटी पहले तो लोगों से नजदीकियां बढ़ाती, उनसे फिजिकल रिलेशन बनाती।  इसके बाद संबंधों के (Private Video) वीडियो और फोटो बना लेती। पिता इन वीडियो के जरिए ब्लैक मेलिंग (Honey Trap Black Mailing)  का काम करता। इतना नहीं इस पूरे हनी ट्रेप (UP Basti Honey Trap Case) के खेल में वकील भी शामिल था।

UP Honey Trap Daugher Father Loyar Case: उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक हनीट्रेप का चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां बेटी पहले तो लोगों से नजदीकियां बढ़ाती, उनसे फिजिकल रिलेशन बनाती। 

इसके बाद संबंधों के (Private Video) वीडियो और फोटो बना लेती। पिता इन वीडियो के जरिए ब्लैक मेलिंग (Honey Trap Black Mailing)  का काम करता। इतना नहीं इस पूरे हनी ट्रेप (UP Basti Honey Trap Case) के खेल में वकील भी शामिल था। इस कांड का खुलासा बस्ती में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह (Bassta SO Suicide Case) की आत्महत्या के बाद हुआ। मामले में पिता, बेटी और वकील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

क्या है पूरा मामला (UP Basti Honey Trap Case) 

दरअसल वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह (SO Surya Prakash Singh) ने बीते माह 29 अगस्त को अपने सरकारी आवास पर सुसाइड (Crime News) कर लिया था। जांच के दौरान यूपी पुलिस  (UP Police) को कुछ ऐसे सुराग मिले थे जिसमें एक महिला, उसके पिता और एक वकील की भूमिका संदिग्ध नजर आई थी। जांच में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें इन गिरफ्तार आरोपियों में 32 वर्षीय प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और के साथ अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव भी शामिल हैं। 

लोगों को पहले दोस्ती के जाल में फंसाने का आरोप

पुलिस (Basti Police PC)  के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक सुनियोजित तरीका अपनाया। जांच में सामने आया कि प्रियंका चौधरी कथित तौर पर लोगों से संपर्क करती थी। बातचीत बढ़ने के बाद दोस्ती और फिर प्रेम या अंतरंग संबंध जैसे हालात बनाए जाते थे। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान बातचीत, तस्वीरें या वीडियो कथित तौर पर रिकॉर्ड किए जाते थे। इसके बाद इन्हीं निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता था। आरोप है कि लोगों को निजी सामग्री सार्वजनिक करने या परिवार और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस तरीके से कई लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया।

प्रियंका के साथ पिता और वकील की भूमिका का भी दावा

पुलिस की जांच में प्रियंका चौधरी के अलावा उसके पिता राम नयन चौधरी (Father Nayan Chaudhari ) और वकील विजय प्रकाश यादव (Lawyer Yadav Prakash) की कथित भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, प्रियंका कथित तौर पर लोगों से संपर्क बनाकर उन्हें अपने विश्वास में लेती थी। इसके बाद उसके पिता और विजय प्रकाश यादव कथित ब्लैकमेलिंग और पैसे की वसूली में भूमिका निभाते थे। पुलिस का दावा है कि इस कथित गिरोह ने कई लोगों से पैसे वसूले। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने कुल कितने लोगों को निशाना बनाया और क्या इस नेटवर्क में इनके अलावा भी कोई अन्य व्यक्ति शामिल था।

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