उत्तराखंड चुनावों से पहले बड़ा प्लान, दो महीने पहले हो रही 1 जनगणना

उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। जहां एक तरफ राजनीतिक पार्टियां अपनी बिसात बिछा रही हैं वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड में जनगणना को लेकर दिल्ली से देहरादून तक हलचल मची हुई है। सामान्य तौर पर जो जनगणना 2027 में होनी था उसे अचानक 2 महीने पहले शिफ्ट कर दिया गया है। अब आखिर केंद्र सरकार को उत्तराखंड का शेड्यूल क्यों बदलना पड़ा। चलिए आपको इस आर्टिकल में बताते है।
2027 के विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं
2027 के विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। हालांकि राज्य में चुनावी बिगुल बजने से पहले शासन प्रशासन उत्तराखंड में 2027 के दूसरे चरण की जनगणना को पूरा करने के लिए कलैंडर जारी कर दिया है। इस साल 1 दिसंबर से लेकर 4 जनवरी 2027 तक उत्तराखंड के मैदानी और सामान्य इलाकों में जनगणना हो जाएगी।
5 से 9 जनवरी तक क्रॉस चेकिंग का काम
ठीक इसके बाद 5 से 9 जनवरी तक क्रॉस चेकिंग का काम चलेगा। वैसे आप सोच रहे होंगे कि देश के बाकी हिस्सों में जहां जनगणना फरवरी 2027 के आसपास होनी है। वहां उत्तराखंड में जनगणना इतने जल्दी क्यों कराई जा रही है।
उत्तराखंड के साथ इन राज्यों में भी चुनाव
आपको बता दें कि उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में 2027 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर फरवरी में ही जनगणना भी होती तो विधानसभा चुनावों की तैयारियां और जनगणना एक ही वक्त पर होती।
राज्यों में जनगणना का शेड्यूल दो महीने पीछे खिसका
जिसके चलते केंद्र सराकर ने इन चारों चुनावी राज्यों में जनगणना का पूरा शेड्यूल दो महीने पीछे खिसका दिया। जिससे जब तक चुनाव आयोग अपनी तारीखों का ऐलान करते तब तक प्रशासन जनगणना का काम निपटा ले और पूरा फोकस सिर्फ चुनावों पर ही हो।
इसी साल हो जाएगी इन जिलों में जनगणना
हालांकि वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों के लिए एक प्लान केंद्र सरकार ने बनाया है। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को सरकार ने नॉन सिंक्रोनस यानी समय सीमा वाले इलाके मान लिया। जिसके चलते इसी साल 1 सिंतबर से 30 सितंबर तक इन इलाकों की जनगणना कर ली जाएगी।
खुद ही जानकारी दर्ज करवा पाएंगे लोग
हालांकि इस बार जनगणना में पहली बार सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व गणना की सुविधा भी दी जा रही है। जिसका मतलब आप 16 नवंबर से 30 नवंबर तक अपने फोन या लैपटॉप से ही खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। जब 1 दिसंबर से 4 जनवरी के बीच जनगणना करने वाले कर्मचारी आपके घर आएंगे तो आपको बस अपना डिजिटल कोड दिखाना होगा और आपकी गिनती हो जाएगी।
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