200 साल पुराने मंदिर में हुई तोड़-फोड़, स्थानीय निवासियों ने जताया जमकर विरोध

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Delhi: मंदिर के टूटने के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि ये काफी पुराना मंदिर है और कई सालों से यहां पूजा अर्चना की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रस्टी मंदिर को तोड़कर इस स्थान पर मार्केट बनाना चाहते हैं।


नई दिल्ली। देश में सांप्रदायिक हमलों के बढ़ते मामलों के बीच एक बार फिर पुरानी दिल्ली में स्थित एक मंदिर में रखी मूर्तियों के तोड़े जाने की खबर आई है। पुरानी दिल्ली के चरखे वाला स्थित 200 साल पुराने श्री राधाकष्ण शिव हनुमान मंदिर में मूर्तियां तोड़ दी गईं। मंदिर के टूटने के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है कि ये काफी पुराना मंदिर है और कई सालों से यहां पूजा अर्चना की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रस्टी मंदिर को तोड़कर इस स्थान पर मार्केट बनाना चाहते हैं। यही कारण है कि मंदिर की मूर्तियों को तोड़ दिया गया है। उनकी मांग है कि मंदिर जहां है वहीं रहना चाहिए।


वहीं, दूसरी ओर ट्रस्टी का कहना है कि मंदिर के पुराने पुजारी ने मंदिर पर कब्जा कर रखा था। इस प्राचीन मंदिर में सालों से प्राचीन खंडित मूर्तियों की पूजा की जा रही थी, जिसे हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है। ट्रस्टी का कहना है कि कोर्ट से हमें इस मंदिर पर कब्जा मिला है और मंदिर का जीर्णोद्धार करने के उद्देश्य से मंदिर से मूर्तियां हटाई गई हैं। जबकि स्थानीय लोगों ने उनकी बात को झूठा करार देते हुए कहा कि हम सालों से यहां पूजा कर रहे हैं यहां कोई मूर्ति खंडित नहीं थी।


विवाद को तूल पकड़ता देख ट्रस्टी ने कहा कि हम इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण दोबारा करवाएंगे। वहीं, दूसरी ओर स्थानीय लोगों के द्वारा भेजी गई फोटो को देखा जाए तो ये साफ पता चलता है कि मूर्तियां खंडित नहीं थीं, बकायदा उन मूर्तियों की पूजा की जाती थी।

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