कांग्रेस ने इस नेता को दिखाया बाहर का रास्ता, पार्टी से किया निष्कासित!
अवैध शराब कांड में कांग्रेस संगठन ने आरोपी राहुल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें संगठन से निष्कासित कर दिया है। थाना प्रभारी (TI) को ट्रक से कुचलने और उनकी मौत से जुड़े मामले में राहुल की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। निष्कासन का आदेश 3 नवंबर को जारी किया गया था, जिसकी प्रति अब सामने आई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के चर्चित देवास अवैध शराब कांड में कांग्रेस संगठन ने आरोपी राहुल जायसवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें संगठन से निष्कासित कर दिया है। खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलने और उनकी मौत से जुड़े मामले में राहुल जायसवाल की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। निष्कासन का आदेश 3 नवंबर को जारी किया गया था, जिसकी प्रति अब सामने आई है।
चेकिंग के दौरान ट्रक की चपेट में आए थे TI
यह पूरा मामला 2 नवंबर की रात का है। हरदा-नेमावर हाईवे पर पुलिस अवैध शराब की तस्करी की सूचना के आधार पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक पुलिस कार्रवाई के बीच खातेगांव TI दिलीप पुरी की चपेट में आ गया। ट्रक का पहिया उनके ऊपर से गुजरने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक की तलाश शुरू की। अलग-अलग टीमों की कार्रवाई में शराब से भरे वाहन को बरामद किया गया। जांच के दौरान ट्रक चालक की पहचान आलीराजपुर निवासी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत के रूप में हुई।
शराब कारोबार में कई लोगों की हिस्सेदारी का दावा
पुलिस जांच में सामने आया कि शराब से भरे ट्रक की व्यवस्था केरम सिंह चांगोड़ ने की थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद जांच का दायरा शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा। जांच में बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के नाम पर शराब ठेका होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस कारोबार में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई, जबकि पाटेंद्र जायसवाल की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत बताई गई है। इसी जानकारी के आधार पर मामले में अन्य कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।
छह साल तक संभाली युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी
राहुल जायसवाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस पूरे मामले को चर्चा में ले आई है। वह लंबे समय तक युवा कांग्रेस में सक्रिय रहे और करीब छह साल तक युवा कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रियता के चलते उन्हें हरदा विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था।
हालांकि, शराब कारोबार और TI की मौत से जुड़े गंभीर मामले में नाम सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन ने उनसे दूरी बना ली है। पुलिस द्वारा राहुल की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने निष्कासन का फैसला लिया। देवास शराब कांड अब केवल अवैध शराब की तस्करी तक सीमित नहीं रह गया है। इस मामले में पुलिसकर्मी की जान जाने, शराब कारोबार से जुड़े कथित नेटवर्क और राजनीतिक संगठन से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
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