सेना के 4 साल के अग्निवीर योजना का विरोध, यहाँ रेल की पटरी पर बैठे युवा

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पटना/जयपुर एसकेटी डॉट कॉम

भारत सरकार द्वारा सेना में 4 साल की भर्ती के जरिए अग्निवीर योजना शुरू किए जाने की घोषणा के दूसरे ही दिल तीन राज्यों में विरोध शुरू हो गया यह विरोध अन्य राज्यों में भी फैलने की संभावना है। इस योजना का विरोध कर रहे युवाओं का कहना है कि सेना में पूर्णकालिक भर्ती शुरू की जाए न कि 4 साल की अग्निवीर योजना।

योजना का बिहार, राजस्थान और यूपी में विरोध शुरू हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा अग्निपथ योजना की घोषणा करने के अगले ही दिन यानी बुधवार को जगह जगह प्रदर्शन शुरू हो गए। बिहार में बक्सर में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रेक जाम किया तो मुज्जफरनगर के माड़ीपुर में आगजनी की और सड़क जाम कर दी। इसके अलावा आरा में भी जमकर बवाल मचाया।

पुलिस और जीआरपी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे योजना को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए है। इधर यूपी के अम्बेडकर जिले में भी बड़ी संख्या में युवाओं ने योजना का विरोध किया। राजस्थान के जयपुर में भी युवा सड़क पर उतर आए और योजना को बंद करने की मांग की।

बता दे कि भारतीय सेना की तीनों शाखाओं थल सेना, नोसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नई स्किम लांच की है। इस स्किम के तहत नोजवानो सिर्फ चार साल के लिए डिफेंस फ़ोर्स में सेवा देनी होगी। सरकार ने यह कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है।

पहली भर्ती रैली 90 दिनों में होगी। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की तरफ से तैयार की गई अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्किम को पहले ‘ टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम दिया गया था। इस स्कीम के तहत शार्ट टर्म के लिए ज्यादा सैनिकों की भर्ती की जाएगी। विभाग ही इसको लागू भी करेगा। अग्निपथ के तहत हर वर्ष करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा। ये युवा 17.5 में से 21 साल की उम्र के बीच होंगे। इन्हें चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा। इन चार सालों में से 6 महीने सैनिकों को बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

सैनिकों को 30 हजार से 40 हजार सैलरी और अन्य फायदे दिए जाएंगे। वे तीनो सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह एवार्ड, मेडिकल ओर इंश्योरेंस कवर पाने के हकदार रहेंगे। इंश्योरेंस कवर 44 लाख रुपये का होगा। सेना में चार वर्ष पूरे करने के बाद सिर्फ 25 प्रतिशत ‘अग्निवीरो’ को स्थाई कैडर में भर्ती किया जाएगा। जो सैनिक चार साल के बाद भी सेना में काम करना चाहेंगे, उन्हें मेडिकल व फिटनेस के आधार पर मौका मिलेगा। जो सैनिक स्थाई कैडर के लिए चुने जाएंगे उन्हें 15 साल का कार्यकाल पूरा करना पड़ेगा। शुरुवाती चार साल कांट्रेक्ट के तहत रहेंगे इसीलिए इसकी पेंशन नही मिलेगी।

जो 75 प्रतिशत अग्निवीर इस स्कीम से बाहर हो जाएंगे, उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। यह 11 से 12 लाख रुपये का पैकेज आंशिक तौर पर अग्निवीरो के ही मंथली कंट्रीब्यूशन से फंड किया जाएगा। इसके अलावा उनको मिले स्किल सर्टिफिकेट और बैंक लोन के जरिये उन्हेंअन्य कार्य शुरू करने में मदद मिल सके।

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