12 लोगों ने फेर लिया मुंह, तब बेटी ने उठाई जिम्मेदारी; रामपुर की इस शिक्षिका ने पिता को ऐसे दी नई जिंदगी

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रामपुर के अधिवक्ता अशोक कुमार अग्रवाल को 2013 में किडनी की गंभीर समस्या हुई थी। जब परिवार के कई सदस्यों ने मदद से इनकार किया, तब उनकी बेटी शिल्पी अग्र …और पढ़ें

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अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के साथ उनकी बेटी शिल्पी। जागरण

रामपुर। किडनी देकर जान बचाने वाली बेटी पर अधिवक्ता अशोक कुमार अग्रवाल को आज भी गर्व है। 16 साल पहले किडनी खराब होने से उनका जीवन संकट में पड़ गया था। तब बेटी ने खुद आगे आकर अपनी किडनी दी। वर्तमान में पिता-पुत्री दोनों स्वस्थ हैं और खुशहाल जीवन बिता रहे हैं। पिता अशोक अग्रवाल कहते हैं कि भगवान ऐसी बेटी सबको दे।

सिविल लाइंस क्षेत्र में कलक्ट्रेट के पास स्थित कैलाश कालोनी निवासी अशोक कुमार अग्रवाल वरिष्ठ टैक्स अधिवक्ता हैं। वर्ष 2013 में उन्हें किडनी की समस्या हुई थी। स्वजन उपचार के लिए पहले बरेली और बाद में गुरुग्राम स्थित मेदांता सिटी हास्पिटल ले गए। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। साथ ही कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट ही जीवन बचाने का आखिरी विकल्प है।

तब वहां अधिवक्ता के परिवार के 12-13 लोग मौजूद थे, लेकिन किसी की उम्र तो किसी की स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते किडनी डोनर नहीं मिल सका। यह सब देख उनकी बेटी शिल्पी अग्रवाल आगे आईं और डाक्टर से बात की। कहा कि वह अपनी किडनी पिता को देना चाहती हैं। डाक्टर ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। कुछ जांच की और परिणाम सुखद रहा।

उनकी किडनी पिता की किडनी से मैच कर गई। अप्रैल 2013 में बेटी ने अपनी एक किडनी देकर पिता की जान बचा ली। पिता-पुत्री दोनों आज भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से जीवन जी रहे हैं। शिल्पी शाहबाद ब्लाक के मथुरापुर कला गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। पिता भी अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं। पिता अशोक अग्रवाल कहते हैं कि उन्हें बेटी पर गर्व है।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. विशेष अग्रवाल कहते हैं कि किडनी का प्रमुख काम रक्त से पानी और सोडियम यानी नमक का फिल्टर करना और यूरिन उत्पादन करना है। साथ ही यह एंजाइम रेनिन बनाता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाता है। गलत खानपान और खराब दिनचर्या के चलते किडनी में पत्थर का निर्माण होने लगता है।

इन पत्थरों को पथरी कहा जाता है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। किडनी की बीमारियां अक्सर छुपी हुई एवं गंभीर होती है। अंतिम चरण पहुंचने तक इनमें किसी भी प्रकार का लक्षण नहीं दिखता है। किडनी की बीमारियों की रोकथाम और शीघ्र निदान के लिए हर साल जांच करानी चाहिए।