हलद्वानी- हनीमून पर पत्नी ने जताई स्कूबा डाइविंग की इच्छा, पति ने जड़ा थप्पड़; फट गया कान का पर्दा…….

हल्द्वानी में एक विवाहिता ने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना अंडमान हनीमून के दौरान …और पढ़ें
महिला समाधान केंद्र में पीड़िता की तहरीर, दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप.
विवाहिता ने पति, सास-ससुर, देवर पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया।
प्रताड़ना अंडमान हनीमून पर स्कूबा डाइविंग विवाद से शुरू हुई।
पति ने थप्पड़ मारा, जिससे कान का पर्दा फट गया।
हल्द्वानी। महिला समाधान केंद्र हल्द्वानी में एक विवाहिता ने अपने पति, सास-ससुर और देवर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानसिक व शारीरिक शोषण को लेकर तहरीर सौंपी है।
पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ उत्पीड़न की शुरुआत हनीमून के दौरान अंडमान-निकोबार में वाटर गेम्स स्कूबा डाइविंग को लेकर हुए विवाद से हुई, जो आगे चलकर लगातार मारपीट और प्रताड़ना में बदल गया।
डहरिया निवासी पीड़िता ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि 13 मार्च 2024 को हनीमून के दौरान जब उसने स्कूबा डाइविंग और वाटर गेम्स की इच्छा जताई तो पति अचानक भड़क गया।
आरोप है कि इसी बात पर गाली-गलौच करते हुए पति ने उसके कान पर जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे कान का पर्दा फट गया। बाद में गाजियाबाद के निजी अस्पताल में उपचार कराया गया। कहा कि तीन मार्च 2024 को हुए विवाह में पीड़िता के मायके पक्ष ने सोने के आभूषण, नकद राशि और गृहस्थी का सामान दिया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने कम दहेज लाने के ताने दिए जाते रहे।
सास ने मायके की तीन लाख रुपये की एफडी तुड़वाने का दबाव भी बनाया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति उसके मोबाइल फोन की नियमित जांच करता था और बेवजह शक के चलते उसके चरित्र पर टिप्पणी करता था।
मार्च 2025 में बेटी के जन्म के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पिता के निधन के समय उसे न अंतिम दर्शन करने दिए गए और न ही तेरहवीं में शामिल होने दिया गया। हल्द्वानी कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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