आखिर क्यों कुमाऊं यूनिवर्सिटी की लापरवाही के चलते बर्बाद हुए छात्रा के 3 साल, जांच कमेटी के आधार पर होगी कार्यवाही

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विश्वविद्यालयों को लेकर कई बार लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं लेकिन इस बार कुमाऊं यूनिवर्सिटी की तरफ से एक ऐसा मामला सामने आया जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे बता दें कि मामला वर्ष 2017 का है ।यहां पर परीक्षा देने वाली एमबीपीजी कॉलेज की छात्रा को यूनिवर्सिटी की तरफ से गलत मार्कशीट पकड़ा दी गई थी इसका खुलासा अब जाकर हुआ है जिसके बाद विश्वविद्यालय को छात्रा की दोबारा परीक्षा करवानी होगी जानकारी के अनुसार हल्द्वानी के एमबी पीजी कॉलेज में बी.ए. द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपना बैक पेपर दिया थालेकिन 2019 में यूनिवर्सिटी के द्वारा उसे गलत मार्कशीट दे दी थी जिसके बाद छात्रा ने एमबीपीजी कॉलेज से लेकर कुमाऊं यूनिवर्सिटी तक शिकायत की लेकिन उसे वहां से कोई साफ जवाब नहीं मिल पाया।

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जिसके बाद छात्रा ने अल्पसंख्यक आयोग तक मामला पहुंचाया जिसमें आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्य कमेटी द्वारा प्रशासनिक जांच करवाई जिसमें आयोग उपाध्यक्ष के मुताबिक यूनिवर्सिटी की गलती छात्रा के लिए खतरनाक साबित हुई और छात्रा के द्वारा परीक्षा देने के बाद भी उसे अनुपस्थित दिखा कर उसको अंक नहीं दिए गए ऐसे में छात्रा के द्वारा परीक्षा देने तक के सबूत पेश किए गए जिसके बाद अल्पसंख्यक आयोग यूनिवर्सिटी के कुलसचिव एवं एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य को सुनवाई के लिए तलब किया और कुछ दिन पहले देहरादून में प्राचार्य प्रोफेसर बी आर पंत व उपकुलसचिव दुर्गेश डिमरी की मौजूदगी में आयोग ने अपना पक्ष रखा और आयोग ने कहा कि 3 दिन में छात्रा की परीक्षा कराई जाए ।छात्रा के 3 साल बर्बाद होने के मामले में आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

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