BJP में किसे मिलेगा राज्यसभा का टिकट? चर्चाओं में इन नेताओं का नाम

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी वरिष्ठ नेता राम माधव और नए प्रदेश संगठन महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा शुक्रवार 25 सितंबर को देहरादून पहुंच रहे हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे और कोर कमेटी की बैठक के बीच राज्य की राजनीति का पारा राज्यसभा चुनाव को लेकर भी गर्म है।
राजनीति
BJP में किसे मिलेगा राज्यसभा का टिकट?
बता दें कि उत्तराखंड से भाजपा के मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विधानसभा में भाजपा के मजबूत बहुमत को देखते हुए पार्टी प्रत्याशी की जीत तय मानी जा रही है। ऐसे में राज्यसभा की इस इकलौती सीट पर दावेदारी को लेकर पार्टी के भीतर सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि कल होने वाले बैठकों के दौर में केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने वाले संभावित नामों के पैनल को लेकर भी प्राथमिक चर्चा हो सकती है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और संगठन से जुड़े दिग्गजों की नजरें इस सीट पर टिकी हुई हैं।
चर्चाओं में इन नेताओं के नाम
चर्चा है कि संभवतः नरेश बंसल को ही दोबारा प्रत्याशी बना दिया जाए या वैश्य वर्ग के किसी अन्य नेता की लॉटरी लग जाए। पूर्व सीएम डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, प्रदेश के दो कैबिनट मंत्रियों को लेकर भी अटकले जारी हैं। शीर्ष नेतृत्व द्वारा दी गई नई जिम्मेदारियों के बाद प्रदेश प्रभारी व नए महामंत्री संगठन का यह पहला उत्तराखंड दौरा है। इस दौरे को लेकर प्रदेश भाजपा में तैयारियां तेज हो गई है।
25 सितंबर को देहरादून पहुंच रहे नए प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री
नए प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री के दून आगमन के साथ ही भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की उच्चस्तरीय कोर कमेटी की बैठक होने की पूरी संभावना है। इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे।
बैठक में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक खाका तैयार करने, बूथ और शक्ति केंद्र स्तर तक संगठन विस्तार को गति देने तथा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी।साथ ही राज्यसभा चुनाव और टिकट की दावेदारी पर भी मंथन होगा। शुक्रवार का यह दौरा केवल औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समर के लिए भाजपा के ‘मिशन उत्तराखंड’ का शंखनाद माना जा रहा है।
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