उत्तराखंड – एमबीबीएस के प्रवेश में फर्जी सर्टिफिकेट से हथियाई सीटें

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4 युवतियों का एडमिशन हुआ निरस्त।

350 अन्य भी शक के दायरे में, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

देहरादून skt. com

उत्तराखंड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के तहत फर्जी प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) बनाकर MBBS में दाखिला लेने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसके बाद Hemwati Nandan Bahuguna Uttarakhand Medical Education University ने चारों छात्राओं का एडमिशन रद्द कर दिया है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
सामने आए चार युवतियों (छात्राओं) के नामजांच समिति और पुलिस कार्रवाई के बाद इस मामले में शामिल चारों छात्राओं और आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं,

जिनके खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज की गई है:तृप्ति (Tripti): इनके और इनकी मां उमा देवी के खिलाफ क्लेमनटाउन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

खुशी (Khushi): रायपुर थाने में नामजद मुकदमा।परी (Pari): रायपुर थाने में नामजद मुकदमा।स्वाति (Swati): रायपुर थाने में नामजद मुकदमा।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

अधूरे दस्तावेज और गलत पते: NEET-UG काउंसलिंग के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे की सीटों पर संदिग्ध दस्तावेजों की शिकायत मिली थी। देहरादून के जिलाधिकारी (DM) आशीष चौहान ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और अपर जिलाधिकारी (ADM) की एक संयुक्त जांच समिति बनाई थी।


अस्तित्वहीन स्वतंत्रता सेनानी:

जांच में पाया गया कि जमा किए गए शपथ पत्र अधूरे थे, ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए आधार कार्ड और राजस्व टीम के भौतिक सत्यापन में दिए गए पते पूरी तरह फर्जी निकले। इसके अलावा, चारों आवेदक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी पर आश्रित दिखाए गए थे जिनका कोई रिकॉर्ड ही नहीं था (Non-existent freedom fighter)।3. सीटों और अन्य छात्रों पर मंडराता खतरा (350+ संदिग्धों की सूची)यह मामला केवल इन 4 छात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बेहद बढ़ चुका है:

350+ उम्मीदवारों की सूची: चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास लगभग 350 से 370 संदिग्ध उम्मीदवारों की एक सूची सौंपी गई है, जिनके मूल निवास (डोमिसाइल), जाति प्रमाणपत्र और आरक्षण से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच करने की मांग की गई है।जांच के घेरे में अन्य कोटे: स्वतंत्रता सेनानी कोटे के अलावा SC-ST और डोमिसाइल (स्थाई निवास) प्रमाण पत्रों में भी बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें मिली हैं। यूनिवर्सिटी ने प्रथम चरण की काउंसलिंग में शामिल कई अन्य छात्रों को भी अपने मूल दस्तावेजों के साथ पेश होने का नोटिस जारी किया है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को यह सूची मिलने के बाद उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्रों का कड़ा सत्यापन करने का निर्देश दिया है। यदि जांच में इन 350+ संदिग्धों के दस्तावेज भी फर्जी पाए जाते हैं, तो राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों में हो चुके प्रोविजनल एडमिशन रद्द हो सकते हैं।

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