सत्ता आखिर किस दवाब में इतने भ्रष्टाचारी अधिकारियों को बचाना चाह रही है!
40 भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों की फ़ाइलें सचिवालयमें लंबित हैं
हलद्वानी /देहरादून skt. कॉम
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की लगातार कार्रवाई के बावजूद कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया शासन स्तर पर अटक गई है।
विजिलेंस के अनुसार, प्राथमिक गोपनीय जांच में दोषी पाए गए करीब 40 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) के लिए भेजी गई फाइलें लंबे समय से सचिवालय में लंबित हैं। शासन से मंजूरी नहीं मिलने के कारण इन मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है।
उपरोक्त जानकारी एडीजी लॉ मुरुगेशन के द्वारा गुरुवार को प्रेस को साझा की गई
अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने से अटकी कार्रवाई। जिससे लंबी प्रारंभिक जांच के बाद अभियोजन की अनुमति नहीं मिलने पर करवाई लटकी पड़ी हुई है।
वर्ष 2024 में सबसे अधिक कार्रवाई
वर्षवार ट्रैप कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
2023: 18 ट्रैप ऑपरेशन, 20 गिरफ्तारियां
2024: 31 ट्रैप ऑपरेशन, 38 गिरफ्तारियां
2025: 22 ट्रैप ऑपरेशन, 26 गिरफ्तारियां
2026 (जुलाई तक): 18 ट्रैप ऑपरेशन, 19 गिरफ्तारियां
वर्ष 2024 भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के लिहाज से सबसे सक्रिय वर्ष रहा।
गवाहों के मुकरने से कमजोर पड़ रहे मुकदमे
एडीजी वी. मुरुगेशन ने बताया कि अदालतों में कई मामलों में सरकारी गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर जाते हैं, जिससे आरोपियों को लाभ मिलता है और कई मामलों में वे बरी हो जाते हैं।
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