OTS योजना लागू करने की मांग को लेकर परिवहन मंत्री से मिले ट्रक ऑपरेटर महासंघ के पदाधिकारी

हल्द्वानी। उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ ने प्रदेश में ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी समस्याओं के समाधान और लंबित चालानों के निस्तारण के लिए One Time Settlement (OTS) योजना लागू करने की मांग उठाई है। शनिवार को नानकमत्ता दौरे के दौरान महासंघ के प्रवक्ता एवं देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के कुमाऊं मंडल प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि हल्द्वानी बाईपास, गौलापार, काठगोदाम, रानीबाग से नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग तक आए दिन लगने वाले भीषण जाम से पर्वतीय ट्रांसपोर्ट व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ट्रकों के घंटों जाम में फंसे रहने के कारण सामान की आपूर्ति प्रभावित होने और सप्लाई चेन बाधित होने की बात महासंघ ने कही। महासंघ के अनुसार, इससे बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टरों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका पर असर पड़ रहा है।
महासंघ ने बताया कि इससे पहले 10 सितंबर 2026 को हल्द्वानी के अमरदीप होटल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी की अध्यक्षता में भी परिवहन मंत्री के समक्ष इन समस्याओं को रखा गया था।
ये प्रमुख मांगें रखीं
- प्रदेश में लंबित हजारों चालानों के निस्तारण के लिए OTS योजना तत्काल लागू की जाए।
- उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में वाहन कर और अर्थदंड में छूट दी जाए।
- जीआई पाइप, पोल और 20 फीट से अधिक लंबे सरिया जैसे निर्माण सामग्री के परिवहन को चालान संबंधी राहत दी जाए।
- हल्द्वानी, रामनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, बागेश्वर, कोटद्वार और विकासनगर में ऑटोमेटेड वे-ब्रिज लगाए जाएं।
- पर्वतीय क्षेत्रों में 16.2 टन GVW मानक को प्रभावी रूप से लागू करने और हिल इंडोर्समेंट अनिवार्य किए जाने की मांग की गई।
महासंघ के मुताबिक, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। महासंघ ने विशेष रूप से OTS योजना को ट्रांसपोर्टरों के लिए राहत देने वाली प्रमुख मांग बताया है।
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