ट्रॉपिकना जूस को खुद को नंबर वन बताना पड़ा भारी ,जाने कितने लाख का पड़ा जुर्माना

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आज के समय में कोई भी ब्रांड अपने उत्पाद का प्रचार जोरों शोरों से करता है लेकिन कई बार ब्रांडो को अपने उत्पाद का प्रचार करना काफी हद तक भारी भी पड़ जाता है एक ऐसा ही मामला राज्य के हरिद्वार जिले के सामने आ रहा है .

यहां पर ट्रॉपिकना जूस को नंबर वन पर जाकर प्रचार करने के मामले में हरिद्वार के एडीएम वित्त एवं राजस्व न्यायालय ने मिस ब्रांडिंग करने का दोषी पाया है और ट्रॉपिकना जूस बनाने वाली कंपनी एवं इसको बेचने वाले दुकानदारों एवं डीलरों पर 28 लाख का जुर्माना मारा है इसे 30 दिन के अंदर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार ने 2013 में मैसर्स प्रिज्म एचआर सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ज्वालापुर से ट्रॉपिकना जू जूस का सैंपल लिया था,

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इस सैंपल को रूद्रपुर लैब में जांच को भेजा गया था,उन्होंने कहा कि जूस बनाने वाली कंपनी ने दावा किया था ये नंबर वन जूस हैं लेकिन ये जांच में सही नहीं पाया गया और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिस ब्रांडिंग और मिस लीडिंग करने का दोषी पाया गया।इसलिए मैसर्स प्रिज्म एचआर सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ज्वालापुर पर एक लाख रुपए का जुर्माना, सीएंडएफ डिपो आनर अशोक कुमार शर्मा पुत्र सुरेश चंद्र शर्मा ज्वालापुर पर दो लाख रुपए,

वरुण बेवरजीस लिमि. रूडकी पर पांच लाख रुपए का जुर्माना और पेपिस्को प्राइवेट लिमिटेड व डायनामेक्स डेयरीज लिमिटेड पर दस दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे में इस आंकड़े को जोड़ा जाए तो कुल मिलाकर 28 लाख का जुर्माना है ट्रॉपिकना जूस के ऊपर पड़ा जिसे 30 दिनों के अंदर जमा करवाना होगा.

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