टोटके वाली दादी फिर सुर्खियों में, CCTV वीडियो ने बढ़ाई पड़ोसियों की चिंता

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उत्तर प्रदेश के बदायूं  नगर के मोहल्ला सराय से जुड़ा एक CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

 उत्तर प्रदेश के बदायूं  नगर के मोहल्ला सराय से जुड़ा एक CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पड़ोसी परिवार ने मोहल्ले की रहने वाली सलमा, पत्नी अमीर अहमद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

CCTV वीडियो को लेकर क्या है दावा?

परिवार का आरोप है कि वायरल बताए जा रहे CCTV फुटेज में सलमा देर रात या सुबह के समय उनके घर के आसपास झाड़ू लगाती हुई और कूड़ा फेंकती हुई दिखाई दे रही हैं। शिकायतकर्ता परिवार का कहना है कि यह कोई सामान्य सफाई नहीं, बल्कि उनके अनुसार कथित “टोटके” का हिस्सा है। इसी वजह से परिवार ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है।

परिवार का दावा है कि वीडियो सामने आने के बाद मोहल्ले में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई लोग इसे अंधविश्वास से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बिना पूरी जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पहले भी पेट्रोल डालने का लगाया था आरोप

शिकायतकर्ता परिवार का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। उनके अनुसार इससे पहले भी दो अलग-अलग मौकों पर महिला द्वारा उनके घर के बाहर कथित रूप से पेट्रोल डालने की घटनाएं CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई थीं। परिवार का दावा है कि उन घटनाओं के वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं।

परिवार का आरोप है कि लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण उनके परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा

बताया जा रहा है कि घटना से जुड़ा CCTV वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो के साथ कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस या प्रशासन का पक्ष नहीं आया सामने

समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित परिवार ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं।

यदि शिकायत दर्ज होती है, तो पुलिस CCTV फुटेज, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर सकती है।

मोहल्ले में बनी चर्चा का विषय

घटना के बाद पूरे मोहल्ले में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे अंधविश्वास और अफवाहों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाने से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी CCTV वीडियो के आधार पर बिना आधिकारिक जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। यदि किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि हुई है, तो उसका निर्धारण केवल जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं।

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