शनि की साढ़ेसाती से अब डरना मना है, ये 5 आसान उपाय बदल देंगे आपकी किस्मत
क्या आप भी शनि की साढ़ेसाती के नाम से घबराते हैं? जानिए शनिदेव को प्रसन्न करने और साढ़ेसाती के बुरे …और पढ़ें
नई दिल्ली। ‘शनि की साढ़ेसाती’, ये लाइन सुनते ही लोगों के मन में एक डर सा बैठ जाता है। लोगों को लगने लगता है कि अब जिंदगी में सिर्फ परेशानियां और मुसीबतें ही आएंगी, बनते हुए काम बिगड़ जाएंगे या कोई बड़ी मुसीबत आ जाएगी। लेकिन, क्या सच में आपको लगता है कि ऐसा कुछ होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर इंसान की जिंदगी में कभी न कभी शनि की साढ़ेसाती जरूर आती है। यह साढ़े सात साल का एक ऐसा समय होता है, जब इंसान को जिंदगी की असलियत समझ आती है।
शनिदेव को ‘न्याय का देवता’ और ‘कर्मफल दाता’ कहा जाता है। इसका मतलब है कि वो हमें हमारे कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। अगर आपने कभी किसी का बुरा नहीं किया है, आप ईमानदार हैं और सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं तो शनिदेव आपको परेशान नहीं करेंगे, बल्कि मालामाल कर सकते हैं।
अगर आपकी कुंडली में भी शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है और आपको कामों में बेवजह रुकावट महसूस हो रही है, तो आप इन 5 आसान उपायों से शनिदेव को खुश कर सकते हैं:
1. शिव जी की आराधना
महादेव को शनिदेव का गुरु माना जाता है। अगर रोजाना आप शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और सच्चे मन से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करते हैं, तो शनि का प्रभाव आपकी कुंडली पर कम हो जाएगा।
2. संकटमोचन हनुमान की पूजा
पुराणों में जाके पढ़ें तो हनुमान जी के भक्तों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
3. बेजुबानों की सेवा करें
काले कुत्ते, गाय या पक्षियों को खाना खिलाने से शनिदेव बहुत खुश होते हैं। चींटियों को आटा या चीनी डालना भी शनि की साढ़ेसाती में एक अचूक उपाय माना जाता है।
4. जरूरतमंदों को दान दें
शनि का प्रभाव कम करने के लिए दान को सबसे उत्तम उपाय माना गया है। शनिवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को काले कपड़े, उड़द की दाल, सरसों का तेल या जूते-चप्पल का दान करें। ये दान बिना किसी दिखावे के, गुप्त रूप से किया जाए तभी इसका असर होगा।
5. पीपल के पेड़ में दीपक जलाएं
हर शनिवार की शाम को सूरज ढलने के बाद पीपल के पेड़ के पास जाएं और वहां सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। इससे शनि देव की कृपा बरसती है और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
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