20 एकड़ जमीन का था सवाल… छोटी बेटी ने बनाया मास्टरप्लान, मां के साथ किया कुछ ऐसा, जान उड़ जाएंगे होश!

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तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है. यहां एक युवती ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर डाली. वो भी 20 एकड़ जमीन की खातिर. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

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तेलंगाना, के सिद्दीपेट जिले के मीनाजीपेट गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया. यहां एक बेटी ने जमीन के लालच में अपनी ही मां की गला घोंटकर हत्या कर दी. हैरानी की बात यह है कि इस खौफनाक साजिश में बेटी का पति और एक रिश्तेदार भी शामिल थे. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
20 एकड़ जमीन का था सवाल छोटी बेटी ने बनाया मास्टरप्लान, मां संग…
जमीन के लिए मां की हत्या
55 साल की मनकानी बालमणि अपने पति चिन्ना बाला नरसय्या के साथ मीनाजीपेट गांव में रहती थीं. उनकी दो बेटियां थीं- लावण्या और नवनीत. बड़ी बेटी लावण्या की शादी आठ साल पहले भिक्षापति नाम के युवक से हुई थी, जो मुलुगु मंडल के बोल्लारम गांव का रहने वाला है. छोटी बेटी नवनीत की शादी मधु नाम के युवक से हुई थी. मधु के माता-पिता नहीं थे, इसलिए शादी के बाद वह अपनी पत्नी के साथ ससुराल यानी मीनाजीपेट में ही रहने लगा था.

जमीन के लिए मां की हत्या
बालमणि के पास कुल 22 एकड़ जमीन थी. उन्होंने पहले ही बड़ी बेटी लावण्या के नाम दो एकड़ जमीन कर दी थी. अब वे बची हुई 20 एकड़ जमीन दोनों बेटियों में बराबर बांटना चाहती थीं. लेकिन छोटी बेटी नवनीत को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई. वह चाहती थी कि सारी जमीन सिर्फ उसी को मिले. इसी लालच में उसने अपनी मां को रास्ते से हटाने का मन बना लिया. नवनीत ने अपने पति मधु को इस साजिश में शामिल कर लिया. इतना ही नहीं, उसने अपने एक रिश्तेदार रायनी गौरैया को भी साथ ले लिया. गौरैया से नवनीत ने तीन लाख रुपये उधार लिए थे. उसने गौरैया से कहा कि अगर वह इस हत्या में मदद करेगा, तो उसे पैसे वापस नहीं करने होंगे. लालच में आकर गौरैया भी राजी हो गया.

चांदी के कड़े निकालने के लिए काट दिए मां के पैर
एक रात जब घर के सभी लोग सो रहे थे, तो नवनीत उसका पति मधु और गौरैया चोरी-छिपे बालमणि के कमरे में पहुंचे. मधु और गौरैया ने मिलकर बालमणि के पैर पकड़ लिए और नवनीत ने अपनी ही मां का गला घोंटकर उसकी जान ले ली. इसके बाद उन्होंने शव को प्लास्टिक के बैग में भरा और गौरैया के ऑटो में डालकर पास की झील तक ले गए. वहां उन्होंने मृतका के दोनों पैर काटे ताकि चांदी के कड़े निकाल सकें और फिर लाश को झील में फेंक दिया.

सड़ी-गली हालत में बरामद लाश
घर लौटकर तीनों ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो. अगले दिन नवनीत और उसके पति ने मां के गायब होने का नाटक किया और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी. लेकिन पुलिस ने जांच शुरू की तो मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से सारा राज खुल गया. पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो नवनीत, मधु और गौरैया, तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. बालमणि की लाश झील से सड़ी-गली हालत में बरामद की गई. अब तीनों आरोपी जेल में हैं और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. फिलहाल मामले की जांच जारी है

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