हल्द्वानी: महंगे गिफ्ट का लालच, फिर लाखों की चपत! नाइजीरियन गैंग का ‘लव स्कैम’

हल्द्वानी में साइबर ठग इंस्टाग्राम पर विदेशी व्यक्ति बनकर महिलाओं से दोस्ती कर रहे हैं और महंगे गिफ्ट का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। काठगोदाम, रामनगर और मुखानी में तीन महिलाओं से कुल 5.19 लाख रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं।
हल्द्वानी: उत्तराखंड में सोशल मीडिया के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब साइबर अपराधी इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर महिलाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ठग खुद को विदेश में रहने वाला अमीर व्यक्ति बताकर पहले भावनात्मक रिश्ता बनाते हैं और फिर महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करते हैं। हल्द्वानी साइबर सेल में तैनात विशेषज्ञ एसआई बीएल कुशवाहा ने साइबर ठगी के इस नए तरीके का खुलासा किया है।
साइबर विशेषज्ञ एसआई बीएल कुशवाहा के मुताबिक, ठग इंस्टाग्राम, फेसबुक और डेटिंग ऐप्स के जरिए महिलाओं और पुरुषों से संपर्क करते हैं। वे खुद को विदेश में रहने वाला डॉक्टर, पायलट, बिजनेसमैन या सैन्य अधिकारी बताते हैं। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाकर विश्वास जीतते हैं और भावनात्मक रिश्ता बना लेते हैं। इसके बाद महंगे गिफ्ट भेजने का वादा करते हैं। कुछ समय बाद पीड़ित को फोन आता है कि विदेश से भेजा गया पार्सल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने रोक लिया है।
पार्सल में सोना और विदेशी मुद्रा बताकर मांगते हैं लाखों रुपये
ठगी के इस तरीके में अपराधी पीड़ित को बताते हैं कि पार्सल में सोना, विदेशी मुद्रा या अन्य कीमती सामान है। कभी-कभी पार्सल में मादक पदार्थ होने की बात कहकर भी डराया जाता है। इसके बाद कस्टम ड्यूटी, जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगे जाते हैं। गिरफ्तारी की धमकी देकर पीड़ित पर जल्द से जल्द रकम जमा करने का दबाव बनाया जाता है। इसी तरह साइबर ठग लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक ऐंठ लेते हैं।
हल्द्वानी में तीन महिलाओं से लाखों की ठगी
हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं।
काठगोदाम: योगा क्लास चलाने वाली एक महिला को विदेशी व्यक्ति बनकर ठगों ने अपने जाल में फंसाया। गिफ्ट भेजने का झांसा देने के बाद एयरपोर्ट से फोन कर पार्सल में मादक पदार्थ होने की बात कही गई। कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर महिला से करीब 3.50 लाख रुपये ठग लिए गए।
रामनगर: यहां की एक महिला से इसी तरह की ठगी कर 1.20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
मुखानी: यहां एक मिस्त्री की पत्नी को निशाना बनाकर 49 हजार रुपये की ठगी की गई।
इन घटनाओं से साफ है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर दोस्ती और भावनात्मक रिश्तों का इस्तेमाल करके लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए चल रहा साइबर ठगी का खेल
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय हैं। ये ठग सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को निशाना बनाते हैं। कुछ गिरोह फर्जी पहचान बनाकर कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं। ठगी के लिए विदेशी डॉक्टर, पायलट, कारोबारी और सैन्य अधिकारी जैसी पहचान का इस्तेमाल किया जाता है। जांच में कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क की भूमिका भी सामने आती रही है।
आईजी कुमाऊं ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने बताया कि साइबर टीम को लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को खुद भी सतर्क रहना होगा। उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा नहीं करने की सलाह दी।
सोशल मीडिया पर दोस्ती करते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोशल मीडिया पर अनजान विदेशी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें।
गिफ्ट या पार्सल छुड़ाने के नाम पर मांगी गई कस्टम ड्यूटी किसी निजी खाते में जमा न करें।
एयरपोर्ट, कस्टम या पुलिस अधिकारी बनकर आने वाले संदिग्ध कॉल की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका सतर्कता है। सोशल मीडिया पर बनने वाली हर दोस्ती भरोसेमंद नहीं होती और महंगे गिफ्ट का लालच आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है
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