हलद्वानी की विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने की बात सीएम दरबार में पहुँची तो हलद्वानी के इस नेता ने की आपत्ति

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हलद्वानी/देहरादून एसकेटी डॉटकॉम

हल्द्वानी के बहुत चर्चित जमीन विवाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दरबार में भी पहुंच गया था। मामला खटीमा से संबंधित लोगों का होने से इन लोगों ने मुख्यमंत्री के दरबार में जमीन का केस जीतने के बाद इस पर कब्जा दिलाने में मदद की गुहार लगाई गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कार्यवाही करने की बात कही तो वहां मौजूद हल्द्वानी के एक नेता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि क्या ऐसा करके आप हमारे इलाके में बवाल करवाएंगे।

इस नेता की ऐसी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने अपनी हां पर चुप्पी साध ली। जिसके बाद कब्जा करने गई महिला के खिलाफ इस जमीन पर काबिल लोगों के सहयोगियों ने वहां पर बवाल करना शुरू कर दिया यहां तक की इस भूमि पर चार दिवारी करने के लिए लाई गई रेता बजरी तथा ई ट को भी इधर-उधर कर दिया गया जिसके बाद वहां भारी तनाव हो गया और चार दिवारी का काम भी रोक दिया गया।

माना यह जा रहा है कि इस भूमि को कब अपने कब्जे में लेने के लिए कई सफेदपोश लोग लगे हुए हैं कई वर्षों से इस भूमि पर अदालती लड़ाई चल रही थी 229 बी का मामला होने से यह एसडीम कोर्ट मैं इस पर लगातार बहस चल रही थी फरवरी में इस मामले में कोर्ट द्वारा एक निर्णय लिया गया। इस भूमि पर उस महिला के पक्ष में निर्णय दिया गया जिसके बाद कोरोनकाल होने के कारण इस पर कब्जे की कार्रवाई नहीं हो पाई थी। लेकिन इसके बाद जब इस पर कार्रवाई हुई तो कई प्रकार की परतें खुलती गई । बताया जा रहा है की सरकार के एक ओहोदे दार के समर्थकों द्वारा भूमि पर काबिज लोगो को संरक्षण दिया जा रहा है ।तथा इस संरक्षण के पीछे बहुत बड़ी डील होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

इस बेशकीमती भूमि पर कई सत्ता पक्ष के सफेदपोश नेताओ की नजर गड़ी हुई है और इसके लिए करोड़ों रुपयों की डील के रूप में जमीन को भी रखा गया है।

फिलहाल इस विवादित जमीन पर क्या निर्णय होता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन पीड़ित महिला ने खटीमा जाकर मुख्यमंत्री के घर पर अपनी गुहार भी लगाई है और अपने सारे कागज उनके परिजनों को दिखाएं हैं परिजनों ने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे का हवाला देते हुए कहा कि जैसे ही वह यहां वापस पहुंचेंगे तो निश्चित रूप से उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा

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