पत्रकार पर जान लेवा हमला करने वाला फौजी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर

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पुलिस की कछुवा गति वाली कार्यवाही से पत्रकारों में रोष ,शीघ्र ही आईजी को देंगे ज्ञापन

दैनिक जागरण के उप संपादक है पीड़ित पत्रकार

हलद्वानी skt.com

पुलिस की कछुआ गति से चल रही जांच से पीड़ित पत्रकार को न्याय मिलने पीड़ित पत्रकार के साथ ही पत्रकार संगठनों में रोष पंप रहा है। लगभग एक महीना गुजर जाने के बाद भी अभी तक आरोपी को नही पकड़े जाने से पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

वही पत्रकारों के संगठन ने इस कृत्य की घोर भर्त्सना की है। उनका कहना है कि यदि जल्दी आरोपी को गिरफ्तार नही किया गया। और तहरीर में लगी धाराओं को पीड़ित की गम्भीर स्थिति को देखते हुए बढ़ाया नही गया तो उच्च अधिकारियों से मिलकर पुलिस की लापरवाही की शिकायत की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक प्रेम सिंह जो कि दैनिक जागरण के डेस्क में उप संपादक हैं के साथ 20 अप्रैल को रात्रि 10 बजे स्वयं को फौजी बताने वाले व्यक्ति ने उनकी आँखो पर लगातार घुसें मारकर उहे घायल कर दिया। तथा मूर्छित करके कई मीटर सड़क पर घसीटता रहा। तथा पीड़ित बस की चपेट में आने से बच गए। वरना बड़ी घटना घट सकती थी।

पीड़ित को अपनी आंख का इमरजेंसी में ऑपरेशन करना पड़ा। दिल्ली एम्स समेत कई अस्पतालों के चक्कर भी काटने पड़े। अभी तक दो ऑपरेशन हो चुके हैं। लेकि रोशनी आने के बारे में डॉक्टर्स की ओर कोई पक्का आश्वाशन भी नही दिया गया। पीड़ित की आंख अगर ठीक नही हुई तो वह एक आंख को खो भी सकते हैं।

पीड़ित की स्थिति गंभीर होने के बाद भी पुलिस ने अपनी जांच में सामान्य धाराएं लगाई हैं। पत्रकारों के संगठन की ओर से मांग की जा रही है अगर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए इसमें जान से करने तथा अंग भंग करने की धाराएं जोड़ी जाए अगर इसके बाद भी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो पत्रकार सीएम से मिलने से भी गुरेज नहीं करेंगे।

घटनाक्रम एक नजर में
20 अप्रैल रात 10 से 10:30 बजे — सोमवर बाजार, महेंद्र शोरूम के पास हमला
21 अप्रैल — चिकित्सकीय परीक्षण (एमएलसी) व पुलिस शिकायत
26 अप्रैल — निजी अस्पताल में आपातकालीन सर्जरी
1 मई — प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज
5 मई — सुशीला तिवारी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर
14 मई — दूसरी जटिल ट्रॉमा सर्जरी
आरोपी की पहचान व पूछताछ — जांच जारी