गांव के ऊपर उड़ रहा था हेलिकॉप्टर… राहत पैकेट गिरा तो बुजुर्ग की चली गई जान… महिला पड़ोस की छत पर जा गिरी
बिहार के सारण जिले में इन दिनों बाढ़ जिंदगी को तबाह किए हुए है. यहां पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर से सूखे राशन के पैकेट गिराए जा रहे थे. इसी दौरान एक पैकेट गांव के बुजुर्ग के ऊपर जा गिरा, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं एक महिला हेलिकॉप्टर की तेज हवा में बैलेंस खोकर पड़ोस की छत पर जा गिरी.
ऊपर हेलिकॉप्टर उड़ रहा था. नीचे बाढ़ में फंसे लोग उसका इंतजार कर रहे थे. किसी को खाने का पैकेट चाहिए था, किसी को पानी, किसी को बस यह भरोसा कि मुश्किल वक्त में कोई उनकी मदद के लिए पहुंचा है. फिर अचानक आसमान से राहत के पैकेट गिरने लगे. परशुरामपुर गांव में लोग उन्हें पकड़ने और उठाने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच एक पैकेट 60 साल के अनिल कुमार सिंह के ऊपर आ गिरा.
अनिल संभल पाते, उससे पहले एक और पैकेट उनके ऊपर गिरा. परिवार का कहना है कि कुछ पैकेट उनके सीने पर भी आ गिरे. कुछ ही देर पहले तक जो आदमी बैठा था, वह जमीन पर गिर चुका था. और फिर गांव में अफरा-तफरी मच गई. अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
यह कहानी बिहार के सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव की है. वही गांव, जहां इन दिनों बाढ़ की वजह से जिंदगी सामान्य नहीं है. सड़कें पानी में डूबी हैं. कई इलाके मुख्य रास्तों से कट गए हैं. ऐसे में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर का सहारा लिया जा रहा है.
नेपाल से आई बाढ़ का असर सारण जिले के कई इलाकों में है. मकेर, अमनौर और परसा समेत कई प्रखंड प्रभावित बताए जा रहे हैं. कई गांवों की हालत ऐसी है कि वे चारों तरफ पानी से घिरकर टापू जैसे हो गए हैं. जब सड़क से जाना मुश्किल हो जाए तो राहत पहुंचाने का रास्ता क्या बचता है? हवाई रास्ता. इसी वजह से वायु सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में सूखा राशन पहुंचाया जा रहा था.
हेलिकॉप्टर गांवों के ऊपर से गुजरता और नीचे मौजूद लोगों के बीच राहत सामग्री के पैकेट गिराए जाते. परशुरामपुर में भी लोग इसी इंतजार में थे. उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि कुछ मिनट बाद इसी राहत सामग्री से गांव के एक घर में मातम पसर जाएगा.
अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि करीब 60 वर्षीय अनिल कुमार सिंह के ऊपर हेलिकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री गिर गई. गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतक के बेटे अभिनव प्रताप सिंह ने कहा कि पिता खाना खाकर बैठे हुए थे, उसी दौरान हेलिकॉप्टर से गिराया जा रहा पैकेट उनके सिर पर गिर गया, जिसके बाद वो गिर गए, उनकी छाती पर भी कई पैकेट गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई.
गुस्साए लोगों ने सड़क पर रख दिया शव
अनिल की मौत की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा बढ़ गया. बाढ़ से परेशान लोग पहले ही मुश्किल में थे. ऊपर से राहत सामग्री लेने के दौरान एक बुजुर्ग की मौत ने लोगों को और आक्रोशित कर दिया. ग्रामीणों ने अनिल सिंह का शव सड़क पर रख दिया. रास्ता बंद कर दिया गया. घंटों तक आवागमन बाधित रहा.
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. लोगों को समझाने की कोशिश की गई. बातचीत हुई. अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया. काफी देर बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया.
गांव की रंभा देवी अपने दो बच्चों के साथ घर की छत पर खड़ी थीं. वह भी हेलिकॉप्टर का इंतजार कर रही थीं. नीचे बाढ़ का पानी था. ऊपर हेलिकॉप्टर. राहत सामग्री गिराई जा रही थी. इसी दौरान हेलिकॉप्टर करीब होकर गुजरा. उसके कारण तेज हवा का दबाव बना. इसी तेज हवा की चपेट में आकर रंभा देवी बैलेंस खो बैठीं और छत से बगल के मकान पर जा गिरीं.
हादसे में उनकी कमर में गंभीर चोट आई. उनके दोनों बच्चों के पैरों में फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है. तीनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. एक ही गांव में राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान दो अलग-अलग हादसे हुए. एक में 60 साल के अनिल कुमार सिंह की जान चली गई, जबकि दूसरे में एक महिला और उसके दो बच्चे घायल हो गए.
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए हेलिकॉप्टर सिर्फ आसमान में उड़ता कोई विमान नहीं था. वह उम्मीद था. क्योंकि जहां सड़क से नहीं पहुंचा जा सकता था, वहां हेलिकॉप्टर पहुंच रहा था. जहां राशन की गाड़ी नहीं जा सकती, वहां आसमान से खाने के पैकेट भेजे जा रहे थे. लेकिन परशुरामपुर में वही राहत अभियान हादसे में बदल गया. अब गांव में राहत के पैकेट गिरते हैं तो लोगों की नजर सिर्फ राशन पर नहीं, ऊपर उड़ रहे हेलिकॉप्टर पर भी जाती होगी.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घायलों का इलाज चल रहा है. घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर जाम हटवाया. आसमान से राहत आई भी. लेकिन उसी आसमान से गिरा एक पैकेट अनिल कुमार सिंह की जिंदगी खत्म कर गया. उसी गांव में एक महिला और उसके दो बच्चों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा. बाढ़ ने पहले गांव की जमीन छीनी थी. इस हादसे ने एक परिवार से उसका अपना इंसान छीन लिया.
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