पारा चढ़ने के साथ बढ़ रहे हैं डिप्रेशन और ऐंजाइटी के मामले, जानें बचाव के तरीके

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देश में लगातार गर्मी बढ़ती जा रही है। भारत के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री के पार पहुंच चुका है। गर्मी के चलते पानी की कमी, बिजली ग्रिड के ट्रिप होने के साथ-साथ कई बीमारीयों की चेतावनी भी दी जा रही हैं। इसी बीच एक और रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया जा रहा है कि लगातार चलने वाली हीट वेव(Heat Wave) लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। यहां तक की बढ़ती गर्मी में डिप्रेशन और खुदकुशी के मामले और भी ज्यादा बढ़ रहे हैं। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि बढ़ती गर्मी का डिप्रेशन और ऐन्जाइटी(heat anxiety) से क्या ताल्लुक है? तो ये आर्टिकल आपके लिए है।

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लैपटॉप और मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल ना करें
हर 7 में से 1 भारतीय मानसिक बीमारी की चपेट में
हमारे देश में मेंटल हेल्थ हमेशा से ही एक गंभीर विषय रहा है। मानसिक तनाव एनजाइटी जैसी चीजों पर हम खासा ध्यान नहीं देते। साइंस जर्नल द लैंसेट की मानें तो देश में हर 7 में से 1 भारतीय मानसिक बीमारी से जूझ रहा है। इसके अलावा डिप्रेशन और ऐंजाइटी की वजह से हो रहे खुदकुशी के मामले तो आए दिन खबरों में बने ही रहते हैं। अब आपको बताते हैं की आखिर कैसे और क्यों बढ़ती गर्मी के कारण डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं।

क्या है हीट एंग्जाइटी? (What is Heat Anxiety)
जैसा की हम सब जानते हैं की बढ़ती गर्मी में लगातार हिट वेव चलती हैं। जिस वजह से हमारा शरीर उच्च तापमान के संपर्क में आता है और अपने तापमान को ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाता। इस वजह से हमारी बॉडी में सेरोटोनिन और डोपामाइन के काम करने का तरीका भी बदल जात है जिस वजह से हम चिड़चिड़े और चिंता–तनाव में रहने लगते हैं। इसी को ही हीट एंग्जाइटी कहा जाता है।

हीट एंग्जाइटी के लक्षण (Heat Anxiety Symptoms)
हीट एंग्जाइटी से पीड़ित व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, बेचैनी और हार्ट बीट जैसे कई लक्षण दिखने लगते हैं मनोचिकित्सकों की मानें तो ज्यादा गर्मी चिड़चिड़ापन, अवसाद के लक्षणों और आत्महत्या के मामलों को बढ़ाने वाली हो सकती है।अब आपको बताते हैं कि आखिर इस बढ़ती गर्मी की वजह से सबसे ज्यादा मानसिक तनाव किन लोगों को हो रहा है।

हीट एंग्जाइटी से बचाव के तरीके (Heat Anxiety Treatment)
दरअसल वो सभी लोग जो दिन में भरी धूप में काम करते हैं खासकर मजदूरों और किसानों पर ये हिट वेव सबसे ज्यादा असर डालती है। बात करें उन लोगों की जो पहले से किसी मेंटल हेल्थ प्राब्लम से जूझ रहे हैं तो उनमें तेज गर्मी के कारण किसी ट्रॉमा में जाने या फिर मौत होने तक का रिस्क देखने को मिल सकता है।

अपने आप को ठंडा करने की करें कोशिश
सबसे पहले तो अगर आपको कमजोरी चक्कर आना सिरदर्द बेचैनी और हार्ट रेट बढ़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो जल्द से जल्द अपने आप को ठंडा करने की कोशिश करें। इसके लिए आप ठंडे वातावरण में जा सकते हैं। पानी पी सकते हैं।

हल्के-ढीले रंग के कपड़े पहने
हीट एंग्जॉइटी से बचने में आपको ढीले कपड़े भी काफी मदद करेंगे। गर्मी में आप हल्के रंग के ढीले कपड़े पहने। इससे आपके शरीर का तापमान नियंत्रित रहेगा और शरीर में हवा का संचार होने से ज्यादा गर्मी नहीं लगेगी।

तेज धूप में जानें से बचे
हीट एंग्जाइटी होने पर तेज धूप में ना जाएं क्योंकि इससे आपको हीट स्ट्रोक का खतरा हो सकता हैं। जब भी घर से बाहर निकलें तो छाता या टोपी पहनकर ही जाएं।

लगातार बाते करें
हीट एंग्जाइटी होने पर ठंडी जगह में आराम करें और ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचें।अगर आपके घर में किसी को एंग्जाइटी है तो उनका ज्यादा खयाल रखें। उन्हें अकेला ना छोड़े और उनसे लगातार बात करते रहें।

लैपटॉप और मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल ना करें
बच्चों को शाम के समय घर से बाहर खेलने जरूर भेजें। क्योंकि लैपटॉप और मोबाइल पर ज्यादा देर तक पढ़ने से भी डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। ये थे हीट एंग्जाइटी से निपटने के कुछ लक्षण अगर आप भी भरी धूप में घर से बाहर निकल कर काम करते हैं तो अपना ज्यादा ध्यान रखें और इन सब स्टेप्स को फौलो करते रहे।