उत्तराखंड में हुआ बड़ा खुलासा,4 सालों में इतने लाख छात्र-छात्राओं ने छोड़े स्कूल, जानिये वजह

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राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। लाख दावे करने वाले शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों की स्थिति का अंदाजा भी नहीं है। सरकार और विभाग का सरकारी स्कूलों से मोह भंग है। राज्य के कई स्कूल ऐसे हैं जहां ना तो पानी की और ना ही सही शौचालयों की।गर्मी में बच्चे गर्मी से परेशान होते हैं तो इंटरनेट की व्यवस्था ना होने पर कोरोना काल में पढ़ाई नहीं कर पाए। नतीज खतरनाक निकला।

बता दें कि खुलासा हुआ है कि पिछले 4 सालों में उत्तराखंड के प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक स्कूलों में 1 लाख से अधिक छात्र घट गए हैं। उन्होंने सरकारी स्कूल छोड़ दिया। इनमें से करीब 60% छात्र अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल जैसे पहाड़ी जिलों के हैं। पहाड़ों से पलायन हमेशा से होता रहा है और अब स्कूलों से भी पलायन होने लगा है। पहाड़ों में बदहाल शिक्षा व्यवस्था के कारण पलायन हो रहा है।


आपको बता दें कि भले ही सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लाख दावे किए गए लेकिन ये दावे दावे बनकर रह गए। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई तरह की योजनाएं संचालित की जाती हैं। ऐसी ही एक योजना 1 जुलाई 2001 को उत्तराखंड में भी शुरू हुई। स्कूल चलो अभियान नाम की इस योजना का उद्देश्य 6 से 14 साल तक के बच्चों को शत-प्रतिशत प्रारंभिक शिक्षा दिलाना था। अप्रैल 2018 में राज्यभर के स्कूलों में सत्र शुरू होते ही प्रवेशोत्सव अभियान शुरू किया गया। जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाना था। इसके अलावा मई 2002 में दून के सहसपुर विकासखंड से मध्याह्न भोजन योजना की भी शुरुआत की गई।


एमडीएम योजना शुरू करने के पीछे उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार की उपलब्धता कराना बताया गया लेकिन असल मायने में इस योजना को भी स्कूलों में नामांकन वृद्धि के तौर पर देखा जाने लगा। इन सभी योजनाओं के संचालन में केंद्र और राज्य सरकारें हर साल करोड़ों रुपये का बजट जारी करती हैं लेकिन धरातल पर कोई नहीं उतरती। दावे बस दावे बनकर रह जाते हैं। आपको बता दें कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में साल 2018 से 2021 तक 1 लाख 9 हजार 960 छात्र कम हुए हैं।


पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों में छात्रसंख्या (कक्षा 1 से 12)
जिला 2021 2020 2019 2018 4 साल में छात्र घटे
अल्मोड़ा 67569 68862 73086 80650 13081
पौड़ी 63813 65794 69514 75728 11915
टिहरी 82108 83378 86517 92855 10747
नैनीताल 82352 85396 86804 91321 8969
पिथौरागढ़ 51194 52705 55250 59218 8024
चम्पावत 34222 34052 35479 37417 3395
बागेश्वर 30630 31412 33198 35844 3214

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