दिन में सिलता कपड़े, रात में फाड़ता जिस्म! कहानी उस किलर की, जिसने 9 सालों में किए 34 कत्ल, अब बेटा भी…

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Serial Killer Aadesh Kamra Story: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक शख्स दिन में खामोशी से कपड़े सिलता था लेकिन रात को सीरियल किलर बन जाता था. नाम था आदेश खामरा उसने अपने गैंग की मदद से 6 राज्यों में नौ साल के दौरान 34 कत्ल किए. अब उसका बेटा शुभम भी खून की राह पर निकल पड़ा है.

  • दिन में दर्जी और रात में ट्रक ड्राइवरों का हत्यारा
  • सीरियल किलर आदेश खामरा की भयानक कहानी
  • अब बेटा भी पिता के राह पर निकला

Serial Killer Aadesh Kamra Story: भोपाल की गलियों का एक ऐसा दरिंदा, जो दिन में तो कपड़े सिलता, लेकिन रात को जिस्म फाड़ता. इस दरिंदे से भोपाल तो क्या देश दहशत में आ गया था, नाम है आदेश खामरा. आदेश अपने जमाने में ऐसी दहशत फैलाया था कि लोग उसके नाम से भी कांपने लगते थे. इसने 9 सालों में 34 बेकसूर लोगों की जान ली थी. अब आदेश का नाम एक बार फिर से चर्चा में है, आदेश का बेटा शुभम भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चल रहा है. शुभम ने हाल ही में, एक मामूली सी झड़प के चलते एक व्यक्ति का पीट-पीटकर जान ले ली. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है.

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दिन में सिलता कपड़े, रात में फाड़ता जिस्म कहानी उस किलर की, 9 सालों में...

ट्रक ड्राइवरों नशीला खाना खिलाता और…

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाला आदेश खामरा दिन में भोपाल के मंडीदीप इलाके में एक सिलाई की दुकान चलाता था. देखने में बेहद सीधा-साधा, बातों में हंसमुख और काम में निपुण, लेकिन जैसे ही रात होती वही दर्जी बन जाता एक कातिल. आदेश, ट्रक चालकों को निशाना बनाता, कारण? कारण उसने बताया कि उसे लगता था कि ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की जिंदगी बड़ी दयनीय होती है, तो वह उन्हें खुद ही मोक्ष देने निकल पड़ा. ट्रक ड्राइवरों और क्लीनरों को वह नशीला खाना खिलाकर बेहोश करता, फिर बेरहमी से उनकी हत्या कर लाशें सुनसान जगहों पर फेंक देता और उनके ट्रक यूपी-बिहार में बेच देता.

बात, यहीं खत्म नहीं होती, आदेश के घर में कत्ल करना तो मानो प्रथा बन गई हो. पूछताछ में आदेश ने बताया कि ये भयानक कांड करना उसने अपने चाचा से सीखा था और चाचा को ही अपना पूजनीय गुरु भी मानता था. आदेश का चाचा 80 के दशक में ट्रक लूट की गैंग चलाया करता था. वही उसका ‘गुरु’ था. अपराध करना, सबूत मिटाना और पुलिस से बचना, ये सब उसने अपने चाचा से ही सीखा. इसीलिए आठ साल तक वह पुलिस को चकमा देता रहा और भोपाल में एक मामूली दर्जी के रूप में छिपा रहा. साल 2010 से 2018 के बीच पूरे उत्तर भारत में ट्रक चालकों की लाशें मिलना आम हो गया था. कहीं उत्तर प्रदेश, कहीं मध्यप्रदेश, कहीं ओडिशा. लेकिन किसी के पास कोई सुराग नहीं था. हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे की कमी और ट्रक चालकों की पहचान न होने के कारण पुलिस भी हाथ मलती रह गई.

फिर मिला पहला सुराग 

भोपाल के पास बिलखिरिया में एक ट्रक ड्राइवर की लाश मिलने के बाद पुलिस को पहली बार कातिल तक पहुंचने का सुराग मिला. एक संदिग्ध की गिरफ्तारी ने उस आठ साल पुराने रहस्य से पर्दा उठा दिया. दर्जी आदेश खामरा दरअसल एक खूंखार सीरियल किलर था. पुलिस ने जब उसे पकड़ने के लिए टीम सुल्तानपुर भेजी, तो वह जंगलों में भाग गया. लेकिन भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे वहां से भी दबोच लिया. फिलहाल आदेश खामरा भोपाल की सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. जेल सूत्रों के मुताबिक, अब वह धार्मिक किताबें पढ़ता है, और उसका व्यवहार भी काफी बदल गया है. हालांकि उसके गुनाह इतने भयानक हैं कि उसके लिए जेल की सलाखों के बाहर कोई जिंदगी बची नहीं है.adesh khamra

आदेश खामरा ने 9 साल में 34 कत्ल किए

बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

आदेश का बेटा शुभम भी अब उसी राह पर चल पड़ा है. भोपाल के मिसरोद इलाके में शुभम ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर कृपाराम नामक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी. मामला शराब कंपनी में हुए विवाद का था. बहस इतनी बढ़ी कि कृपाराम ने शुभम को थप्पड़ मार दिया. बस फिर क्या था, शुभम ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है.

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