हल्द्वानी-नहर कवरिंग का काम या हादसों को न्योता ? हाईटेंशन पोलों के बीच खुदाई

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हल्द्वानी शहर का हाल किसी से छुपा नहीं है जहां से जिसकी मर्जी आए वहां से खोदना शुरू कर देता है। ना ही कोई सेफ्टी के इंतज़ाम न कोई जवाबदेही.।बता दे कि देवलचौड़ से मुखानी क्षेत्र तक सुशीला तिवारी के पीछे से सिंचाई नहर को कवरिंग करने का लंबे समय से अटका काम आखिरकार शुरू हो गया है। शुरुआत मेहता चैरिटेबल के पास से नहर कवरिंग शुरू हुई लेकिन एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है कि अचानक सिंचाई नहर मध्य से यानी सुशीला तिवारी के पीछे से जेसीबी लगाकर नहर की खुदाई शुरू कर दी गयी।बताया गया कि काम तेज गति से चलना है मार्च तक इसको कंप्लीट करना है इसलिए यहां बीच से काम शुरू कर दिया गया। लोगों में बड़े असमंजस की स्थिति फैल गई ट्रैफिक जाम लगना शुरू हो गया। मौके पर मौजूद इंजीनियर से पूछा गया तो बताया गया यह हमारी प्लानिंग का हिस्सा है हम फर्स्ट और लास्ट से ना शुरू करके फर्स्ट और बीच से कर रहे हैं।इंजीनियर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया। ये किसी के गले नहीं उतरा सबसे बड़ी बात और खतरे की यहां यह है कि झूलते तारों का जाल और हाई टेंशन लाइन के पोल हैं जिन्हें बिना शिफ्ट किये यह काम शुरू कर दिया गया है खतरा मंडरा रहा है कहीं यह पोल गिर गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।सबसे बड़ी बात यहां यह है जहां काम शुरू हुआ वहां सड़क के दोनों और बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। सुशीला तिवारी रामपुर रोड पर जाम की स्थिति में दो पहिया और चार पहिया वाहनों का ट्रैफिक इधर डायवर्ट हो जाता है कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अब इसको मनमानी कहें या दादागिरी यहां कोई देखने वाला नहीं है। यहां बताते चलें दिवाली का त्योहार सर पर है इसको लेकर लोगों में नाराजगी है कि त्योहार के वक्त ही यह काम क्यों शुरू किया गया। और बिना हाई टेंशन पोल शिफ्टिंग, बैरिकेडिंग न कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।

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